ईरान पर जमीनी हमले के लिये अमेरिका ने बड़ी सैन्य तैयारी शुरू कर दी है. भारी तनाव के बीच अमेरिका ने वहां अपना खास और खतरनाक हमले कर सकने वाला विमान तैनात कर दिया है. ऐसे और भी विमान उतारे जाएंगे. अमेरिका ने 50 साल पुराना लेकिन बेहद भरोसेमंद ए -10 थंडरबोल्ट विमान यहां भेजा है. यह ग्राउंड अटैक एयरक्राफ्ट है . इसे सब वॉरथॉग भी कहते है. इसे ‘टैंक किलर' के नाम से जाना जाता है. सबसे हैरानी की बात यह है कि आधुनिक और महंगे विमानों जैसे F-35 और B-2 बॉम्बर Spirit होने के बावजूद अमेरिका इस पुराने विमान पर भरोसा कर रहा है. इसे बैक टू बेसिक्स रणनीति माना जा रहा है.
जानकारों का कहना है कि अमेरिका का यह कदम किसी बड़े जमीनी हमले की तैयारी का संकेत हो सकता है. मरीन फोर्स और एम्फीबियस जहाजों की तैनाती भी इसी ओर इशारा करती है. ए -10 एक क्लोज एयर सपोर्ट विमान है. इसका काम जमीन पर लड़ रहे सैनिकों को हवाई मदद देना है. यह कम ऊंचाई पर उड़कर सटीक हमला करता है. इस विमान में 30 एम एम की ताकतवर रोटरी कैनन लगी है. यह आसानी से टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट कर सकती है. यह विमान सैनिकों पर भारी गोलाबारी कर सकता है . इसकी गैटलिंग गन एक मिनट में करीब 3,900 राउंड फायर कर सकती है.
इस प्लेन में घातक हथियार भी लगे होते हैं
इसकी बॉडी टाइटेनियम की बनी है. इससे यह दुश्मन की गोलीबारी के बीच भी सुरक्षित रहता है. यही वजह है कि इसे बेहद मजबूत और टिकाऊ माना जाता है. ए 10 में हाइड्रा रॉकेट और अन्य घातक हथियार भी लगे होते हैं. यह दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में माहिर है. यह कलस्टर बम और मिसाइलों से लैस होता है .इसने जंग में ईरान के हाई स्पीड़ वाले बोट्स पर जबरदस्त हमले किये है . यह हर मौसम और हर स्थिति में ऑपरेशनल रहता है.
जमीन पर अपने टारगेट को आसानी से बनाता है निशाना
यह दो इंजन वाला जहाज है . इसकी रफ्तार करीब 650 किलोमीटर प्रति घंटा है. धीरे चलने की वजह से जमीन पर अपने टारगेट को आसानी से निशाना बना सकता है . यह छोटे रनवे से भी टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है. अमेरिका ने इस विमान का इस्तेमाल अफगानिस्तान और इराक जैसे युद्ध क्षेत्रों में सफलतापूर्वक किया है. कुल मिलाकर ए -10 की तैनाती से साफ है कि अमेरिका हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है . बेशक यह पुराना विमान है लेकिन जंग में इसका कोई जोड़ नही है .
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