ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरने के लिए तैयार अगर.. फ्रांस के विदेश मंत्री का बड़ा बयान

फ्रांस के विदेश मंत्री ने कहा कि अनुमानित 4 लाख फ्रांसीसी नागरिक खाड़ी देशों में या उसके आसपास के देशों में निवासी हैं या वर्तमान में वहां घूमने गए हैं.

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फ्रांस के विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल को युद्ध में जाने से पहले संयुक्त राष्ट्र में चर्चा नहीं करने के लिए भी घेरा.
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  • फ्रांस के विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान के हमलों से प्रभावित खाड़ी देशों की मदद के लिए फ्रांस पूरी तरह तैयार है
  • फ्रांस ने खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खिलाफ समर्थन और एकजुटता जताई है
  • लगभग चार लाख फ्रांसीसी नागरिक खाड़ी देशों में रहते हैं या वहां यात्रा कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा अहम है
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फ्रांस ने ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरने का ऐलान कर दिया है मगर एक शर्त भी रख दी है. फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने सोमवार को कहा कि ईरान के जवाबी हमलों से प्रभावित खाड़ी देशों की मदद करने के लिए फ्रांस तैयार है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के शुरुआती हमलों पर संयुक्त राष्ट्र में पहले ही चर्चा होनी चाहिए थी.

ईरान पर क्यों भड़का फ्रांस

पेरिस में विदेश मंत्रालय की एक इमरजेंसी बैठक की अध्यक्षता करने के बाद बैरोट ने पत्रकारों से कहा, "क्षेत्र में हमारे साझेदारों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, इराक, बहरीन, कुवैत, ओमान और जॉर्डन जैसे सहयोगी देशों को, जिन्हें (ईरानी) रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की मिसाइलों और ड्रोन द्वारा जानबूझकर निशाना बनाया गया है और एक ऐसे युद्ध में घसीटा गया है, जिसे उन्होंने नहीं चुना. फ्रांस अपना पूर्ण समर्थन और एकजुटता व्यक्त करता है."

4 लाख फ्रांसीसी नागरिक गल्फ में

बैरोट ने कहा कि अनुमानित 4 लाख फ्रांसीसी नागरिक खाड़ी देशों में या उसके आसपास के देशों में निवासी हैं या वर्तमान में वहां घूमने गए हैं. फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम ने रविवार को कहा कि जरूरत पड़ने पर वे खाड़ी में अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए तैयार हैं. शनिवार को ईरान पर इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के शुरुआती हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके "एकतरफा हमलों" को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समक्ष पेश किए बिना आवश्यक वैधता नहीं मिल सकती थी.

ईरान को टेबल पर आने की नसीहत

हालांकि, उन्होंने ईरान से अपने हमलों को समाप्त करने और क्षेत्र में शांति लाने वाले राजनीतिक समाधान के लिए बड़ी रियायतें देने का आह्वान किया. बैरोट के अनुसार, रविवार को अबू धाबी में एक फ्रांसीसी नौसैनिक अड्डे पर ड्रोन हमले में सीमित क्षति हुई, लेकिन इस घटना में किसी भी फ्रांसीसी नागरिक के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.

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