ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछाईं समुद्री माइंस, जहाजों के गुजरने के लिए बताया दूसरा रास्ता

Strait of Hormuz Alternative Route: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री माइंस के खतरे का हवाला देते हुए जहाजों के लिए वैकल्पिक शिपिंग मार्ग घोषित किए हैं. दो सप्ताह के युद्धविराम के तहत जलमार्ग अस्थायी रूप से खोला गया है. इससे पहले बंदी के कारण वैश्विक तेल कीमतों पर असर पड़ा था.

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  • ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए वैकल्पिक शिपिंग मार्ग घोषित किए हैं
  • ईरान ने समुद्री माइंस से संभावित खतरे के कारण सभी जहाजों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने का निर्देश दिया है.
  • IRGC ने समुद्री सुरक्षा के लिए वैकल्पिक रूट की जानकारी शिपिंग कंपनियों को दी है.
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तेहरान:

Strait of Hormuz: ईरान ने गुरुवार को रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए वैकल्पिक शिपिंग मार्गों की घोषणा की है. ईरानी अधिकारियों ने मुख्य समुद्री क्षेत्र में समुद्री माइंस (Sea Mines) से संभावित खतरे का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है.

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान जारी कर कहा कि समुद्री सुरक्षा के सिद्धांतों का पालन करने और माइंस से टकराव की आशंका से बचने के लिए सभी जहाजों को तय किए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना चाहिए. यह बयान ईरानी स्थानीय मीडिया में प्रकाशित हुआ है.

बनाए गए वैकल्पिक रूट

IRGC के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश और निकास के लिए विशेष वैकल्पिक रूट निर्धारित किए गए हैं, जिनकी जानकारी शिपिंग कंपनियों और पोत संचालकों को दी जा रही है.

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दो हफ्ते के युद्धविराम के तहत आंशिक राहत

गौरतलब है कि ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम के हिस्से के रूप में होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी तौर पर फिर से खोलने पर सहमति जताई है. इस जलमार्ग से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है.

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अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्धविराम मंगलवार‑बुधवार की रात लागू हुआ था. यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस समयसीमा से महज एक घंटे पहले हुआ, जिसमें उन्होंने मांगे न माने जाने पर ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी.

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तेल कीमतों पर पड़ा था असर

ईरान ने मार्च की शुरुआत से ही प्रभावी रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर रखा था, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उथल‑पुथल मच गई थी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया. ईरान का कहना है कि मौजूदा हालात में जहाज़ों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है, इसलिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल जरूरी है. हालांकि, इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक और समुद्री समुदाय की निगाहें अब भी होर्मुज़ की वास्तविक स्थिति पर टिकी हुई हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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