- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं, जहां वह पुतिन से मिल सकते हैं
- अमेरिका ने पाकिस्तान में दूसरी बार शांति वार्ता रद्द कर दी है, कहा-अब हम 18-18 घंटे की लंबी यात्रा नहीं करेंगे
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और युद्ध समाप्ति का नया प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है
US Iran War and Peace Talks: जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए शांति वार्ता अधर में लटकी हुई है, तब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को रूस पहुंचे हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय ने टेलीग्राम पर बताया कि अब्बास अराघची सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं, जहां उनकी मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने की उम्मीद है. इससे पहले अराघची ओमान गए थे और फिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की यात्रा की थी.
पाकिस्तान में अब शांति वार्ता नहीं होगी?
पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता होनी थी लेकिन शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रतिनिधियों स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर का इस्लामाबाद दौरा रद्द कर दिया. अब डोनाल्ड ट्रंप ने साफ-साफ कह दिया है कि अब बातचीत के लिए अमेरिका के वार्ताकार 18-18 घंटे की पाकिस्तान तक की यात्रा नहीं करेंगे. अब ईरान को बात करनी है तो या तो वह फोन पर बात करे या उसके लोग खुद वाशिंगटन आ जाए.
वहीं ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने इस खबर का जिक्र किया, लेकिन इसे गलत नहीं बताया है.
दुनिया को संकट में डाल रही यह जंग
अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का युद्ध अभी तक सीजफायर के कारण रुका हुआ है, लेकिन इसके आर्थिक असर पूरी दुनिया में महसूस हो रहे हैं. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे तेल, गैस और फर्टिलाइजर की आपूर्ति रुक गई है और कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं. इससे विकासशील देशों में खाने की कमी का डर बढ़ गया है. इसी समय, अमेरिका ने भी इस जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी कर रखी है. वह ईरान बंदरगाहों तक किसी देश के जहाज को न पहुंचने दे रहा, न वहां से किसी जहाज को निकलने दे रहा.
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से अमेरिका के अंदर भी तेल-गैस की कीमतें बढ़ गई हैं. इससे ट्रंप पर देश के अंदर दबाव बढ़ रहा है. नवंबर में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं. सर्वे बताते हैं कि अमेरिका के अधिकतर लोग इस युद्ध को पसंद नहीं कर रहे हैं.













