- निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने नया ईरान बनाने का ब्लूप्रिंट पेश किया, जो ट्रंप की इच्छाओं के अनुरूप है
- रज़ा पहलवी ने ईरान के परमाणु सैन्य कार्यक्रम समाप्त करने और आतंकवादी समर्थन बंद करने का वादा किया है
- साइरस समझौता प्रस्तावित है जो ईरान और इजरायल के बीच संबंधों को पुनर्जीवित कर क्षेत्रीय स्थिरता स्थापित करेगा
क्या ईरान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य दखल देकर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सरकार का तख्तापलट करने जा रहे हैं? यह सवाल पूरी दुनिया की जुबान पर है और जवाब शायद ट्रंप को छोड़कर किसी और के पास नहीं. इन सबके बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी की उम्मीदें भी जग गई हैं. उन्होंने तख्तापटल के बाद एकदम बदला हुआ ईरान बनाने की बात की है. हालांकि ये वादे ऐसे वादे हैं जिनको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह ईरान की जनता के सामने नए ईरान का ब्लूप्रिंट कम, ट्रंप को रिझाने का लेटर ज्यादा है. रज़ा पहलवी ने इजरायल और खाड़ी देशों के कुछ देशों के बीच के मौजूदा अब्राहम समझौते की जगह साइरस समझौता लाने की बात की है.
इस एक्सप्लेनर में हम आपको इन सवालों के जवाब देंगे.
- क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने कैसे ईरान की बात की है?
- साइरस समझौता क्या है?
- रज़ा पहलवी को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की राय क्या है?
- क्या रज़ा पहलवी बस ट्रंप को खुश करना चाहते हैं?
Q- क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने कैसे ईरान की बात की है?
निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने गुरुवार, 15 दिसंबर ने बताया कि अगर ईरान से धर्मशाही को उखाड़ फेंका जाता है तो नया ईरान कैसा होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि क्राउन प्रिंस ने जो ब्लूप्रिंट पेश किया है, वो बिल्कुल वैसा ही है जैसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुनना चाहते हैं. बता दें कि पहलवी के पिता, शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी को 1979 की इस्लामी क्रांति में उखाड़ फेंका गया था और फिर वर्तमान इस्लामी गणराज्य की शुरुआत हुई. अब पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो जारी करके नए ईरान के लिए निम्न बातें कहीं हैं:
- ईरान का परमाणु सैन्य कार्यक्रम खत्म हो जाएगा. आतंकवादी समूहों को समर्थन तुरंत बंद हो जाएगा. एक स्वतंत्र ईरान आतंकवाद, संगठित ड्रग्स तस्करी और चरमपंथी इस्लामवाद का मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक भागीदारों के साथ काम करेगा.
- अमेरिका के साथ संबंध सामान्य हो जाएंगे. अमेरिका और उसके लोगों के साथ हमारी दोस्ती बहाल हो जाएगी.
- इजरायल को तुरंत मान्यता दी जाएगी. हम आज ईरान, इजराइल और अरब दुनिया को एक साथ लाते हुए अब्राहम समझौते को साइरस समझौते तक विस्तारित करेंगे.
- एक आजाद ईरान आजाद दुनिया के लिए एक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बन जाएगा. यानी खूब तेल बेचेंगे.
Q- साइरस समझौता क्या है?
साइरस समझौता (Cyrus Accord) एक प्रस्तावित रणनीतिक ढांचा है जिसका उद्देश्य भविष्य में एक लोकतांत्रिक ईरान और इज़राइल के बीच संबंधों को पुनर्जीवित करना और क्षेत्रीय स्थिरता स्थापित करना है. यह प्रस्ताव मुख्य रूप से रज़ा पहलवी ने ही दिया है. इस समझौते का नाम प्राचीन फारसी राजा साइरस द ग्रेट के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने लगभग 2,500 साल पहले बेबीलोन से यहूदियों को मुक्त किया था और उन्हें यरूशलेम में अपना मंदिर फिर से बनाने की अनुमति दी थी. पहलवी के अनुसार, यह समझौता उसी प्राचीन मित्रता और एक साथ मिलजुलकर जीने की भावना को फिर से स्थापित करने का एक प्रयास है.
Q- रज़ा पहलवी को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की राय क्या है?
रज़ा पहलवी के इस सोशल मीडिया पोस्ट के पहले ट्रंप ने उनको लेकर अपनी राय रखी थी. डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि रज़ा पहलवी "बहुत अच्छे लगते हैं" लेकिन उन्होंने इस बात पर अनिश्चितता व्यक्त की कि क्या पहलवी अंततः सत्ता संभालने के लिए ईरान के भीतर समर्थन जुटा पाएंगे. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने रजा पहलवी के बारे में कहा, "वह बहुत अच्छे लगते हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि वह अपने देश में कैसा कर पाएंगे. और हम वास्तव में अभी तक उस बिंदु तक नहीं पहुंचे हैं. मुझे नहीं पता कि उनका देश उनके नेतृत्व को स्वीकार करेगा या नहीं, और निश्चित रूप से यदि वे स्वीकार करेंगे, तो यह मेरे लिए ठीक होगा."
Q- क्या रज़ा पहलवी बस ट्रंप को खुश करना चाहते हैं?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि रज़ा पहलवी ने नए ईरान का जो भी प्लान रखा है, वो ट्रंप को खुश करने के लिए है. उसका उद्देश्य संभवतः ईरान का नेतृत्व करने के लिए ट्रंप का जीतने का है. एपी की रिपोर्ट के अनुसार वाशिंगटन थिंक टैंक, क्विंसी इंस्टीट्यूट के कार्यकारी उपाध्यक्ष और ईरान पर कई किताब लिखने वाले ट्रिटा पारसी ने कहा, "वह वास्तव में ट्रंप का समर्थन हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन यह काम नहीं कर रहा है. वह अमेरिकी सरकार से समर्थन पाने की कोशिश कर रहे हैं. वह ईरान की जमीन से क्रांति करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह ऊपर से आकर सत्ता पाने की कोशिश में हैं. यह आत्मविश्वास की कमी को दर्शाता है और दिखाता है कि उसके पास ईरान में समर्थन की वास्तविक कमी है."
इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज में एक सीनियर रिसर्चर डैनी सिट्रिनोविज का कहना है कि रज़ा पहलवी वह सब करते दिखना चाहते हैं जो ट्रंप को अच्छी लगेगी. उन्होंने कहा कि लोग ईरान की सड़कों पर "पहलवी" चिल्ला रहे हैं. इसलिए नहीं कि वे वास्तव में उसे चाहते हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि चिल्लाने के लिए कोई दूसरा नाम नहीं है. डैनी सिट्रिनोविज ने कहा कि पहलवी ने जो वीडियो भी जारी किया है वो फारसी में नहीं बल्कि अंग्रेजी में बनाया गया है, क्योंकि वह ईरानी लोगों के बजाय ट्रंप से अपील करने की कोशिश कर रहे हैं.













