ट्रंप के एक बयान ने कैसे दुनियाभर के बाजारों का बदल दिया रुख, जान लीजिए तेल पर कितना पड़ा असर

मध्यपूर्व एशिया में पिछले 26 दिनों से जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के इस आदेश का दुनियाभर के बाज़ारों पर अच्छा असर पड़ा है जो धीमी पड़ते अंतराष्ट्रीय व्यापार के संकट से जूझ रहे थे.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर दिए एक बयान ने दुनियाभर के बाजारों को मजबूती दी है. ट्रंप ने बीते दिनों अपने रक्षा विभाग को निर्देश देते हुए सबकों चौंका दिया था. उन्होंने अपने आदेश में कहा था कि ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचनाओं के खिलाफ सभी सैन्य हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए रोक दिया जाए. आपको बता दें कि मध्यपूर्व एशिया में पिछले 26 दिनों से जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के इस आदेश का दुनियाभर के बाज़ारों पर अच्छा असर पड़ा है जो धीमी पड़ते अंतराष्ट्रीय व्यापार के संकट से जूझ रहे थे.

उनके इस बयान का असर इसका सबसे ज़्यादा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिख रहा है.ब्रेंट क्रूड आयल फ्यूचर्स की कीमत बुधवार को करीब 4.79% घटकर करीब 95 डॉलर/बैरल तक पहुंच गयी.कच्चे तेल की कीमतों में ये गिरावट अभी जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि इससे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में फंसे 700 से जहाज़ों को सेफ पैसेज मिलने की संभावना बन रही है.  

इस चुनौती से निपटने के लिए मध्यपूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से भारत सरकार ने तेल के आयात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था को एक्टिवेट कर दिया है.पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, और पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है.28 फरवरी को मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पिछले 26 दिनों में छे ज़हाज़ तेल और गैस का स्टॉक लेकर भारत पहुँच चुके हैं.

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