India-China के विदेश मंत्रियों की G20 Summit से इतर एक घंटा हुई बात, गर्म रहा LAC का मुद्दा

'चीन (China) और भारत (India) एक दूसरे के अहम पड़ोसी हैं. हमारे पास अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की रक्षा करने की क्षमता और इच्छा है.' - चीनी प्रवक्ता

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G20 सम्मेलन से इतर India-China के विदेश मंत्रियों ने LAC के मुद्दे पर की बात

इंडोनेशिया (Indonesia) में G20 शिखर सम्मेलन से इतर विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar)  ने बृहस्पतिवार को बाली (Bali) में चीन (China) के विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) के साथ लगभग एक घंटा मुलाकात की.  इस दौरान जयशंकर ने अपने चीनी समकक्ष को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सभी लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की आवश्यकता से अवगत कराया और जोर दिया कि द्विपक्षीय संबंध परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हितों पर आधारित होने चाहिए.

जयशंकर-वांग बैठक बारे में पूछे जाने पर, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि जानकारी उचित समय पर जारी की जाएगी. प्रवक्ता ने कहा, 'चीन और भारत एक दूसरे के अहम पड़ोसी हैं. हमारे पास अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की रक्षा करने की क्षमता और इच्छा है.'

उधर, नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर ने द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकाल तथा पूर्व की बातचीत के दौरान दोनों मंत्रियों के बीच बनी समझ का पूरी तरह से पालन करने के महत्व को भी दोहराया. वांग ने 24 और 25 मार्च को भारत का दौरा किया था और उसके बाद दोनों विदेश मंत्रियों की यह पहली मुलाकात थी.

भारत ने G20 की अध्यक्षता के लिए इंडोनेशिया का किया समर्थन 

जयशंकर ने जी20 शिखर सम्मेलन से इतर बृहस्पतिवार को इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको, सेनेगल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.  उन्होंने फिजी के प्रधानमंत्री फ्रैंक बैनीमरामा से भी भेंट की और इस दौरान उन्होंने फिजी में भारत की विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की तथा दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की. 

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जयशंकर ने इंडोनेशिया की विदेश मंत्री रेटनो मार्सुदी के साथ बैठक के बाद कहा कि भारत जी20 समूह की इंडोनेशिया की अध्यक्षता का समर्थन करता है.

गौरतलब है कि बाली में जी20 समूह के विदेश मंत्रियों की शिखर वार्ता की मेजबानी इस समूह के अध्यक्ष के नाते इंडोनेशिया कर रहा है.

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जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘विदेश मंत्री रेटनो मार्सुदी के साथ फिर मुलाकात कर प्रसन्न हूं. बाली में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक की शानदार व्यवस्था की सराहना करता हूं.''

जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बातचीत की और दोनों देशों के संबंधों में आ रहे बदलाव पर काफी संतोष व्यक्त किया.

सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैजल बिन फरहान अल सऊद के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे द्विपक्षीय सहयोग का आगे बढ़ता पथ उल्लेखनीय है. हमने जी20 एजेंडा और हमारे साझा हितों के बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया .''

जयशंकर ने मैक्सिको के अपने समकक्ष मार्सेलो इबरार्ड कसाउबॉन के साथ अपनी बैठक को ‘गर्मजोशी' भरा बताया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ मैक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो इबरार्ड कसाउबॉन के साथ गर्मजोशी भरी बैठक. अंतरिक्ष, कृषि, औषधि और नवाचार क्षेत्र में हमारे बढ़ते सहयोग पर विचार किया गया. हमने बढ़ते कारोबार का स्वागत किया.''

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उन्होंने कहा कि जी20 सहित बहुस्तरीय मंचों पर भारत और मैक्सिको के बीच मजबूत समन्वय है.

बिजली, टीका और रेलवे का मुद्दा 

अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सेंटियागो केफियारो के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि दिल्ली और म्यूनिख की हाल की बैठकों के बाद यह आगे की कड़ी है.

सेनेगल की विदेश मंत्री आएसाता टॉल सॉल के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि इस दौरान कृषि, स्वास्थ्य, उर्वरक उत्पादन, रेलवे और बिजली पारेषण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई. उन्होंने टीका मैत्री और भारतीय विकास परियोजनाओं को लेकर सेनेगल की विदेश मंत्री की भावनाओं की सराहना की.

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जयशंकर ने यूरोपीय संघ (EU) के विदेश मामलों के उच्च प्रतिनिधि जोसेफ बोरेल के साथ बातचीत की जिसमें यूक्रेन संकट के प्रभावों तथा बहुप्रतिक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिये भारत एवं यूरोपीय संघ के बीच वार्ता शुरू करने के बारे में चर्चा हुई.

जयशंकर जी20 समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने इंडोनेशिया के बाली गए हुए हैं.

जी20 समूह के सदस्यों में अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल है. स्पेन को स्थायी अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है. 

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