50 साल बाद चांद की ओर इंसान: NASA का Artemis-II मिशन क्या करेगा खास?

नासा का आर्टेमिस‑II मिशन पांच दशकों बाद इंसानों को चंद्रमा की दिशा में भेजेगा. यह लैंडिंग नहीं, बल्कि क्रूड टेस्ट फ्लाइट है. मिशन में ओरियन और SLS की जांच, चंद्र फ्लाइबाय, डीप‑स्पेस अनुभव और सुरक्षित पृथ्वी वापसी शामिल है.

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नई दिल्ली:

करीब 50 साल बाद इंसान फिर से चांद की दिशा में उड़ान भरने जा रहा है. NASA का Artemis-II मिशन इंसानों को चांद तक तो ले जाएगा, लेकिन इस बार लैंडिंग नहीं होगी. यह एक टेस्ट मिशन है, जो आगे के बड़े मिशनों की तैयारी करेगा.

कैसे शुरू होगा मिशन?

Artemis-II मिशन अमेरिका के Kennedy Space Center से लॉन्च होगा. इसमें Space Launch System (SLS) रॉकेट के जरिए Orion स्पेसक्राफ्ट और 4 अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. खास बात ये है कि पहली बार इंसान इस नए रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट में सफर करेंगे.

पहले धरती के चक्कर क्यों?

लॉन्च के बाद स्पेसक्राफ्ट सीधे चांद की तरफ नहीं जाएगा. पहले यह धरती के 2 चक्कर लगाएगा. इस दौरान सिस्टम चेक किए जाएंगे. लाइफ सपोर्ट (ऑक्सीजन, पानी) टेस्ट होगा. नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम देखे जाएंगे. यानी, सब कुछ सही है या नहीं. यह पहले ही सुनिश्चित किया जाएगा.

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अंतरिक्ष यात्री खुद चलाएंगे स्पेसक्राफ्ट

इस मिशन में एक खास चीज ये होगी कि अंतरिक्ष यात्री खुद Orion को चलाने की प्रैक्टिस करेंगे.

क्यों जरूरी है?

आगे के मिशनों में उन्हें चांद के पास जाकर दूसरे स्पेसक्राफ्ट से जुड़ना (docking) और जटिल ऑपरेशन करने होंगे.

चांद तक जाएंगे, लेकिन उतरेंगे नहीं

Artemis-II चांद के पास जाएगा, लेकिन वहां लैंड नहीं करेगा. स्पेसक्राफ्ट चांद के चारों तरफ घूमेगा. फिर अपने आप धरती की ओर लौट आएगा. इस रास्ते को 'फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी' कहा जाता है. अगर कोई समस्या हो जाए, तब भी स्पेसक्राफ्ट बिना ज्यादा इंजन इस्तेमाल किए सुरक्षित वापस आ सकता है.

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वापसी होगी सबसे मुश्किल

मिशन का सबसे कठिन हिस्सा अंत में आएगा. जब Orion धरती पर लौटेगा. इसकी स्पीड बहुत ज्यादा होगी. वातावरण में घुसते समय जबरदस्त गर्मी पैदा होगी. इससे NASA अपने हीट शील्ड सिस्टम को टेस्ट करेगा, जो भविष्य के चांद और मंगल मिशन के लिए बेहद जरूरी है.

कितने दिन चलेगा मिशन?

पूरा मिशन करीब 10 दिन का होगा. लॉन्च से लेकर समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग तक.

आगे क्या?

Artemis-II असली लक्ष्य नहीं, बल्कि एक तैयारी है. इसके बाद Artemis-III मिशन में इंसान चांद पर उतरेंगे और भविष्य में चांद पर स्थायी मिशन और फिर मंगल की तैयारी होगी. Artemis-II सिर्फ एक उड़ान नहीं, बल्कि इंसानों की गहरी अंतरिक्ष में वापसी की शुरुआत है. 50 साल बाद फिर से चांद की राह पर कदम बढ़ रहा है. इस बार और ज्यादा तैयारी और तकनीक के साथ. 

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