- अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए युद्ध विराम पर सहमति बनी है, जो दोनों देशों की आपसी बातचीत से तय हुआ
- होर्मुज खोलने की शर्तों पर ईरान ने नियंत्रण बनाए रखने की मांग रखी है, जिसे अमेरिका ने स्वीकार किया
- ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने 15 दिनों के भीतर इस्लामाबाद में बातचीत करने की घोषणा की है
अमेरिका और ईरान के बीच अब दो हफ्ते के लिए कोई युद्ध नहीं होगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरानी सभ्यता को खत्म करने की धमकी के बाद सीजफायर एक राहत लेकर ही आया है. इस बार सीजफायर दोनों देशों की आपसी सहमति के बाद तय हुआ है. इसमें होर्मुज स्ट्रेट को खोलने को लेकर भी सहमति बनी है पर शर्तों के साथ और ये शर्तें ईरान ने लगाई हैं.
8 शर्तें ट्रंप ने मान लीं...
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) ने घोषित सशर्त संघर्ष विराम के बाद एक बयान जारी किया है. बयान के अनुसार अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अधिकतम 15 दिनों के भीतर बातचीत की जाएगी. बयान में कहा गया है कि ये बातचीत इसलिए होगी ताकि मैदान में ईरान की जीत को राजनीतिक वार्ताओं में भी मजबूत किया जा सके.
जान लीजिए वो 8 शर्तें
➔ इस बात की गारंटी देना कि वह ईरान के खिलाफ अपनी "आक्रामकता" दोबारा नहीं दोहराएगा
➔ होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा
➔ यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) को स्वीकार करना
➔ सभी प्राथमिक और माध्यमिक प्रतिबंधों (Sanctions) को हटाना
➔ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना
➔ ईरान को मुआवजे का भुगतान करना
➔ इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी
➔ लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध सहित सभी मोर्चों पर युद्ध को रोकना
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