- ईरान और अमेरिका के बीच घोषित दो हफ्ते के सीजफायर के बाद भी हमले शुरू हो गए हैं, जिससे तनाव बढ़ा है
- अमेरिका और इजरायल ने ईरान के लावन द्वीप स्थित रणनीतिक तेल रिफाइनरी पर हमला किया था, जिससे बड़ा धमाका हुआ
- जवाबी कार्रवाई में ईरान ने यूएई और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात खराब होते दिख रहे हैं. सीजफायर के ऐलान के 12 घंटे भी पूरे नहीं हुए और ईरान-अमेरिका के बीच हमले शुरू हो गए. पहले ईरान के रिफाइनरी पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया. वहीं अब इसके जवाब में ईरान ने भी हमले शुरू कर दिए हैं. ईरान ने UAE और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.
दो हफ्तों के सीजफायर पर बनी थी सहमति
आज सुबह करीब साढ़े 4 बजे (भारतीय समयानुसार) अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर पर सहमति बनी थी. लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरान की तेल रिफाइनरी में बड़ा धमाके होने की खबर आई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये रिफाइनरी लावन द्वीप में है. आपको बता दें कि लावन द्वीप फारस की खाड़ी में है. फारस की खाड़ी में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आईलैंड हैं. खास बात ये है कि लावन ईरान के प्रमुख कच्चा तेल निर्याता टर्मिनल में से एक है.
ईरान ने फिर तेज किए हमले
इस हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया. IRIB की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कुवैत और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइन और ड्रोन अटैक किए हैं. ईरान ने इस सीजफायर को भी अपनी जीत बताया. ईरान ने कहा कि अमेरिका को 10-सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. इस प्रस्ताव में स्थायी युद्धविराम, सभी प्रतिबंधों को हटाना और इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सेनाओं की वापसी शामिल है.
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 100वीं लहर के दौरान, IRGC ने दुश्मन के 25 से अधिक रणनीतिक ठिकानों पर विनाशकारी हमले करने की घोषणा की. इनमें अमेरिका और इजरायल से जुड़ी 13 ऊर्जा और तेल फैसलिटी, 10 सैन्य और लॉजिस्टिक ठिकाने और प्रमुख बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी केंद्र शामिल हैं.
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क्या है ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव?
- ईरान के खिलाफ कोई नया आक्रमण नहीं.
- होर्मुज स्ट्रे पर ईरान का कंट्रोल रहेगा
- यूरेनियम संवर्धन को स्वीकार करना
- सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना
- सभी द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाना
- UNSC के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना
- बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना
- ईरान को हर्जाने का भुगतान
- इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सेनाओं की वापसी
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति
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