- अमेरिका और इजरायल ईरान के सिविलियल इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बनाकर बमबारी कर रहे हैं
- इजरायली सेना ने ईरान के आठ पुलों को उड़ा दिया है, जिनमें काशान का रेलवे ब्रिज भी शामिल है
- ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने ट्विन लॉन्च सिस्टम से इजरायल के कई इलाकों पर हमले किए हैं
अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग अब उस रास्ते पर आ चुकी है, जहां से सिर्फ और सिर्फ 'बर्बादी' और 'तबाही' ही दिखाई देती है. होर्मुज स्ट्रेट खोलने और समझौते को लेकर ट्रंप ने जो डेडलाइन दी थी, वह खत्म होने ही वाली है. इससे पहले ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बमबारी हो रही है. अमेरिका और इजरायल लगातार उसके सिविलियल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहे हैं.
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के 8 पुलों को उड़ा दिया है. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने 20 सेकंड का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उसने ईरान के 8 पुलों पर हमला करने का दावा किया है.
इजरायल ने कहां-कहां उड़ाए पुल?
IDF ने दावा किया है कि ईरानी आतंकी शासन अपने हथियार और सैन्य साजो-सामान को लाने-ले जाने के लिए जिन पुलों का इस्तेमाल करता है, उस पर हमला किया गया है. ये हमले तेहरान, करज, तबरीज, काशान और कोम सहित कई इलाकों में हुए हैं.
इससे पहले खबर आई थी कि इजरायल ने ईरान के काशान में रेलवे ब्रिज को उड़ा दिया है. इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है. ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सेंट्रल ईरान के काशान शहर में स्थित याह्या आबाद रेलवे पुल पर इजरायल ने हमला किया, जिसमें दो लोग मारे गए.
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ईरान ने पहली बार ट्विन लॉन्च सिस्टम से दागी मिसाइल
वहीं, इन ईरान भी इन हमलों पर जवाबी हमला कर रहा है. ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इस जंग में पहली बार ट्विन लॉन्च सिस्टम से मिसाइलें दागी हैं. IRGC ने दावा किया कि इजरायल के ऋशोन लेत्जियान, पेताह टिकवा, बीर शेवा और तेल अवीव समेत 30 से ज्यादा इलाकों पर हमला किया गया है. इन हमलों में 'खैबर शिकन' मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है.
जंग को लेकर लगातार बिगड़ रहे हालात
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था. उसके बाद से अब ये जंग बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है. ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि आज की रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी. इससे एक दिन पहले सोमवार को ट्रंप ने कहा था कि ईरान को एक रात में खत्म किया जा सकता है.
अमेरिका अपनी शर्तों पर ईरान से समझौता करना चाहता है. जबकि, ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा है. अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खुलवाना है, ताकि तेल-गैस की सप्लाई हो सके. वहीं, ईरान का कहना है कि वह खोखले वादों पर होर्मुज को नहीं खोलेगा.
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