युद्ध शुरू होने के बाद भारत से खाड़ी और पश्चिम एशिया के लिए दस हजार से अधिक उड़ानें रद्द की गईं. मंत्रालय ने बताया कि युद्ध के कारण भारतीय विमानन क्षेत्र को परिचालन और वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है. कई पश्चिम एशियाई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं जिससे वैश्विक विमानन नेटवर्क में व्यवधान आया है.