नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 33 की मौत, बारिश के कहर से हजारों को बचाया गया

 नेपाल में मानसून आमतौर पर जून में शुरू होता है और अक्टूबर में समाप्त हो जाता है. नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अनुसार, इस साल हिमस्खलन और भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ से करीब 110 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

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नेपाल में मौसम में सुधार नहीं होने के कारण बचावकार्य में बाधा आ रही है. (File Photo)

नेपाल (Nepal)  में पिछले एक हफ्ते भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन (Landslide)  में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई है. स्थानीय मीडिया ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी करके यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि मॉनसून बारिश से उत्तर-पश्चिम में करनाली प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित है. इस प्रांत से हजारों निवासियों को सुरक्षित निकाला गया. नेपाल में मानसून आमतौर पर जून में शुरू होता है और अक्टूबर में समाप्त हो जाता है. नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के अनुसार, इस साल हिमस्खलन और भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ से करीब 110 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

बीबीसी ने बताया कि पूरे प्रांत में कम से कम 22 लोग अब भी लापता हैं और इसी दौरान कई अन्य घायल हुए हैं.

बचावकर्मियों को पर्वतीयक्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण यहां तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

अन्नपूर्णा पोस्ट में एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा, "हमने सुरखेत से हेलीकॉप्टर को बचावकार्य के लिए तैनात किया है."

उन्होंने कहा कि मौसम में सुधार नहीं होने के कारण बचावकार्य में बाधा आ रही है. निचले कालीकोट जिले से पिछले एक सप्ताह में भारी बारिश की चेतावनी के बीच हजारों लोगों को उनके घरों से निकाला गया.

नेपाल के आपातकालीन अधिकारियों ने कहा कि प्रांत के कुछ इलाकों में करनाली नदी का जलस्तर 39 फीट से अधिक तक बढ़ गई है और नदी पर बने कई पुल भी बह गए.

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी अधिकारियों ने हेलीकॉप्टरों से क्षेत्र को सहायता भेजी है.

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय एजेंसियों ने कहा कि वे नेपाल में सबसे बुरी तरह प्रभावित समुदायों को भोजन और दवा वितरित कर रहे हैं.

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