यूरोपीय संघ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को अल-कायदा और हमास जैसे आतंकी संगठनों की सूची में शामिल करेगा

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर, या ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, ईरान की सेना की सबसे शक्तिशाली शाखा और उसकी राजनीतिक और आर्थिक संरचना का एक प्रमुख स्तंभ है.

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  • यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन घोषित करने की योजना बताई
  • इस निर्णय के लिए यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों का सर्वसम्मत समर्थन आवश्यक होगा
  • फ्रांस पहले इस प्रस्ताव का विरोध कर रहा था, लेकिन अब उसने इसका समर्थन करने का संकेत दिया है
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यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर क्रूर दमन के दौरान 6,373 लोगों की हत्या करने वाले ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को यूरोपीय संघ आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने जा रहा है. इस कदम के लिए यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के सर्वसम्मत समर्थन की आवश्यकता होगी और उम्मीद है कि इससे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट, दाएश और हमास जैसे आतंकी समूहों के साथ जोड़ा जाएगा.

कल्लास ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, "यदि आप आतंकवादी के रूप में कार्य करते हैं, तो आपके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार भी किया जाना चाहिए."

एस्टोनिया की पूर्व प्रधानमंत्री रह चुकीं कल्लास ने कहा कि इससे एक स्पष्ट संदेश जाएगा कि यदि आप लोगों का दमन कर रहे हैं, तो इसकी कीमत चुकानी होगी और इसके लिए आपको दंडित किया जाएगा.

फ्रांस पहले विरोध में था, अब किया समर्थन

पहले फ्रांस ने रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध करने पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि उसे आशंका थी कि इससे ईरान में हिरासत में लिए गए फ्रांसीसी नागरिकों के साथ-साथ राजनयिक मिशनों को भी खतरा हो सकता है. हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के कार्यालय ने बुधवार को संकेत दिया कि पेरिस इस निर्णय का समर्थन करता है.

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में विदेश मामलों की परिषद के समक्ष कहा कि फ्रांस ईरान पर और प्रतिबंध लगाने और उसे सूचीबद्ध करने का समर्थन करता है, "क्योंकि किए गए अपराधों के लिए किसी को भी छूट नहीं दी जा सकती." उन्होंने कहा, "ईरान में, ईरानी जनता के शांतिपूर्ण विद्रोह के दमन को अनदेखा नहीं किया जा सकता."

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर, या ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, ईरान की सेना की सबसे शक्तिशाली शाखा और उसकी राजनीतिक और आर्थिक संरचना का एक प्रमुख स्तंभ है. 1979 में अयातुल्ला खुमैनी द्वारा इस्लामी क्रांति की रक्षा के लिए स्थापित, यह नियमित सेना से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है और केवल सर्वोच्च नेता के प्रति जवाबदेह है.

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