ईरान के 15 अधिकारियों और 6 संगठनों पर EU ने लगाया प्रतिबंध, अमेरिका को रूस ने चेताया

ईयू का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद अमेरिकी विमानवाहक पोतों का एक समूह मध्य पूर्व में तैनात है.

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  • यूरोपीय संघ ने ईरान में प्रदर्शनों पर हुई हिंसा के कारण 15 अधिकारियों और छह संगठनों पर प्रतिबंध लगाए हैं
  • ईयू ने रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी समूह घोषित करते हुए ईरान पर दबाव बढ़ाने का निर्णय लिया है
  • अमेरिका ने मध्य पूर्व में सैन्य बल तैनात कर ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी की है
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यूरोपीय संघ ने तेहरान में देशव्यापी प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई के मद्देनजर अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के शीर्ष कमांडरों और अधिकारियों सहित 15 ईरानी अधिकारियों पर प्रतिबंधों की घोषणा की है. गुरुवार को घोषित प्रतिबंधों में छह ईरानी संगठनों के खिलाफ भी कार्रवाई शामिल है.

रूस ने दी सैन्य कार्रवाई पर चेतावनी

रूस ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की गुंजाइश अभी भी है, लेकिन चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई से उस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था अस्थिर हो जाएगी. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तेहरान को दी गई चेतावनी पर टिप्पणी करते हुए कहा, "हम सभी पक्षों से संयम बरतने और इस मुद्दे को सुलझाने में किसी भी प्रकार के बल प्रयोग से बचने का आह्वान करते हैं." पेस्कोव ने चेतावनी दी, "स्पष्ट रूप से, बातचीत की संभावनाएं अभी समाप्त नहीं हुई हैं. ऐसे में हमें सबसे पहले बातचीत के तंत्र पर ध्यान केंद्रित करना होगा. कोई भी सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में अराजकता पैदा कर सकती है और इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं, जैसे कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का अस्थिर होना."

क्या अमेरिका कर रहा जंग की तैयारी

27 देशों के इस समूह का यह निर्णय पश्चिमी देशों की कड़ी प्रतिक्रिया का संदेश दे रहा है. पश्चिमी देशों का कहना है कि ईरान में प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई के नाम पर हिंसा में 6,300 से अधिक लोग मारे गए हैं. ईयू का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद अमेरिकी विमानवाहक पोतों का एक समूह मध्य पूर्व में तैनात है.

यूरोपीय संघ द्वारा गुरुवार को ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकवादी समूह घोषित करने और देशव्यापी प्रदर्शनों पर तेहरान की घातक कार्रवाई के मद्देनजर देश पर प्रतिबंधों को और बढ़ाने की उम्मीद है. इससे इस्लामिक गणराज्य पर दबाव और बढ़ेगा, क्योंकि उसे अमेरिका द्वारा संभावित सैन्य हमले की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.

ट्रंप ने कौन सी डील रखी

अमेरिकी सेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन और कई निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोतों को मध्य पूर्व में तैनात किया है, जिनका उपयोग समुद्र से हमले करने के लिए किया जा सकता है. यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ बल का प्रयोग करेंगे या नहीं, क्योंकि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या और संभावित सामूहिक फांसी के जवाब में सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है.

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ऐसे में निकट भविष्य में ईरान और अमेरिका-यूरोप के बीच तनातनी और बढ़ने की उम्मीद है. ट्रंप ने अभी कल ही सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी दी थी कि परमाणु हथियारों पर डील को लेकर हां कहो वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहो. इस बीच यूरोप के ये प्रतिबंध बड़े संकेत दे रहे हैं.

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