Twitter के नए CEO की खोज में लगे एलन मस्क, पराग अग्रवाल का जाना तय: रिपोर्ट

अरबपति कारोबारी एलन मस्क द्वारा ट्विटर को खरीदने के बाद कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल ने चिंतित कर्मचारियों से कहा था कि उन्हें नहीं पता कि 44 अरब डॉलर के बड़े सौदे के बाद ये कंपनी किस दिशा में जाएगी. उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों के साथ एक बैठक में ये बात कही थी.

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पराग अग्रवाल को नवंबर में ही ट्विटर का मुख्य कार्यकारी बनाया गया था.

अरबपति कारोबारी एलन मस्क द्वारा ट्विटर को खरीदने के बाद कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल की छुट्टी तय मानी जा रही है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार एलन मस्क नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की तलाश में लग गए हैं. सोशल नेटवर्क की 44 बिलियन डॉलर की डील की प्रकिया पूरी होते ही सीईओ पराग अग्रवाल की जगह वो किसी नए चेहरे को लाएंगे. दरअसल मस्क ने पिछले महीने ट्विटर के चेयरमैन ब्रेट टेलर से कहा था कि उन्हें सैन फ्रांसिस्को स्थित कंपनी के प्रबंधन पर भरोसा नहीं है. रॉयटर्स ने एक सूत्र से हवाले से ये खबर छापी है. बता दें कि पराग अग्रवाल को नवंबर में ही ट्विटर का मुख्य कार्यकारी बनाया गया था. 

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वहीं एलन मस्क द्वारा ट्विटर को खरीदने के बाद कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल ने चिंतित कर्मचारियों से कहा था कि उन्हें नहीं पता कि 44 अरब डॉलर के बड़े सौदे के बाद ये कंपनी किस दिशा में जाएगी. उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों के साथ एक बैठक में ये बात कही थी. अग्रवाल ने सिर्फ पांच महीने पहले ट्विटर की कमान संभाली थी.

न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने अग्रवाल के हवाले से कहा था कि, ‘‘ये स्वीकार करना महत्वपूर्ण है कि जो हो रहा है, उसके बारे में आप सभी की अलग-अलग भावनाएं हैं.'' अमेरिकी दैनिक के मुताबिक अग्रवाल ने कर्मचारियों से कहा कि उनका अनुमान है कि सौदे को पूरा होने में तीन से छह महीने लग सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इस बीच हम पहले की तरह ही ट्विटर का संचालन करते रहेंगे.'हम कंपनी कैसे चलाते हैं, हम जो निर्णय लेते हैं, और जो सकारात्मक बदलाव हम करते हैं - वे हमारे ऊपर निर्भर करेगा और हमारे नियंत्रण में होगा.''

हालांकि, अब ट्विटर के कर्मचारियों के भाग्य पर अनिश्चितता छाई हुई है, जिन्होंने मस्क द्वारा अधिग्रहण के मद्देनजर छंटनी की आशंका जताई थी. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये स्पष्ट नहीं है कि ट्विटर को लेकर मस्क की योजना क्या है. रिपोर्ट में कहा गया कि अभी इस सवाल का जवाब भी नहीं है कि वह कंपनी का नेतृत्व करने के लिए किसे चुनेंगे. हालांकि, कम से कम सौदा पूरा होने तक अग्रवाल के बने रहने की उम्मीद है.  वहीं रिसर्च फर्म इक्विलर के अनुसार, अगर अग्रवाल को 12 महीनों के भीतर उनके पद से हटा दिया गया था, तो उन्हें $42 मिलियन पैसे दिए जाएंगे.

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