हिंदू समूह के दौरे के दौरान एफिल टावर की महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाया, मचा बवाल तो BAPS ने दिया जवाब

पेरिस के मशहूर एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी का कहना है कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने ऐसी व्यवस्था की मांग की थी, जिसमें महिलाओं के साथ आमने-सामने आने (इंटरैक्शन) को कम से कम रखा जाए. कथित तौर पर इस मांग को माना गया और इससे कर्मचारी नाराज हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
BAPS के हिंदू संत एफिल टॉवर के सामने एक धार्मिक समारोह में हिस्सा ले रहे हैं (फोटो- एएफपी)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • पेरिस के एफिल टावर से हिंदू समूह के दौरे के समय महिला कर्मचारियों को हटाने पर बवाल, कर्मचारियों ने हड़ताल की
  • हिंदू धार्मिक समूह BAPS के प्रतिनिधिमंडल ने महिला कर्मचारियों के साथ सीमित संपर्क की मांग की थी- दावा
  • पेरिस के मेयर और फ्रांस की समानता मंत्री ने इसे महिला कर्मचारियों के भेदभाव की घटना बताया और इसकी आलोचना की

फ्रांस की राजधानी पेरिस में सोमवार को प्रसिद्ध एफिल टावर बंद रहा. वहां काम करने वाले कर्मचारियों ने हड़ताल की थी. कर्मचारियों और मैनेजमेंट के मुताबिक, यह हड़ताल एक हिंदू धार्मिक समूह के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को कथित तौर पर वहां से हटाए जाने के विरोध में की गई. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) समूह से जुड़े लगभग 100 लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को इस मशहूर जगह का दौरा किया था. इस दिन सीन नदी पर एक सांस्कृतिक नाव जुलूस भी निकाला गया था. अब इस विवाद में BAPS की तरफ से स्पष्टीकरण भी आ गया है.

एफिल टावर के कर्मचारियों ने एक बयान जारी कर दौरे पर महिला कर्मचारियों को घटाने की घटना की आलोचना की. उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों को उनके सेक्स की वजह से काम से अलग किया गया, उनकी जगह पुरुषों को लगाया गया और उन्हें इस तरह रखा गया कि वे दिखाई न दें. कर्मचारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई.

कर्मचारियों ने कहा कि एफिल टावर की महिला कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ काम करने वाली महिला कर्मचारियों को इस प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए खुद को छिपाने के निर्देश दिए गए थे. उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति में डाले जाने से वे हैरान थीं. कर्मचारियों के मुताबिक, कुछ महिला कर्मचारियों को अपनी जगह छोड़कर दूसरी जगह जाने को कहा गया. कुछ जगहों पर उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को लगा दिया गया. इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल के मौजूद रहने तक सभी महिला कर्मचारियों को कुछ खास जगहों से गुजरने या उन जगहों को पार करने से मना किया गया.

हिंदू प्रतिनिधिमंडल पर क्या मांग रखने का आरोप?

AFP की रिपोर्ट के अनुसार पेरिस के मशहूर एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी एसईटीई ने माना कि हिंदू प्रतिनिधिमंडल ने ऐसी व्यवस्था की मांग की थी, जिसमें "महिलाओं के साथ आमने-सामने आने (इंटरैक्शन)" को कम से कम रखा जाए. कंपनी ने कहा कि ऐसी शर्तों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था. कंपनी ने कहा कि ये शर्तें एसईटीई के मूल्यों और पुरुषों और महिलाओं के बीच समानता के सिद्धांतों के खिलाफ थीं. कंपनी ने कहा कि वह इस मामले के नतीजों की जिम्मेदारी लेगी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर दिखने वाले पेरिस के Eiffel Tower और असलियत में कितना फर्क? महिला के शेयर किया अपना एक्सपीरिएंस

एसईटीई के अध्यक्ष एरियल वेइल (जो पेरिस में सोशलिस्ट पार्टी से चुने गए नेता भी हैं) ने AFP से कहा, "यह साफ तौर पर स्वीकार करने लायक व्यवहार नहीं है. वहीं पेरिस के सोशलिस्ट मेयर इमैनुएल ग्रेगोआर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि टावर के मैनेजमेंट का प्रतिनिधिमंडल की शर्तों को मानना अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच शुरू की जाएगी. फ्रांस की समानता मंत्री ऑरोर बर्जे ने X पर इस घटना पर गुस्सा जताया. उन्होंने लिखा, "फ्रांस में हम महिलाओं से खुद को मिटा लेने के लिए नहीं कहते। कोई भी धार्मिक विचार या धर्म गणराज्य के कानूनों से ऊपर नहीं है."

BAPS ने विवाद पर क्या कहा?

BAPS पेरिस की ओर से बयान जारी करके कहा गया, "हम उठाई गई चिंताओं का सम्मान करते हैं और उन्हें बहुत गंभीरता से लेते हैं. हमारे डेलिगेशन (प्रतिनिधिमंडल) के बड़े आकार को देखते हुए, यह विजिट (यात्रा) एफिल टॉवर की टीम के साथ मिलकर आम खुलने के समय के ठीक शुरुआत में तय की गई थी, ताकि दूसरों को कोई परेशानी या असुविधा न हो. हमारी जानकारी के अनुसार, किसी भी समय किसी को भी एफिल टॉवर में जाने से नहीं रोका गया. फिर भी, अगर किसी को कोई तकलीफ या असुविधा हुई है, तो हम उसके लिए ईमानदारी से माफी मांगते हैं. हम आपसी सम्मान और सेवा जैसे सार्वभौमिक मूल्यों में विश्वास करते हैं."

Advertisement

बता दें कि एफिल टावर की वेबसाइट के मुताबिक, हर साल करीब 70 लाख लोग यहां आते हैं. कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि ने बताया कि टावर सोमवार को पूरे दिन बंद रहा, लेकिन मंगलवार को यह सामान्य रूप से खुलेगा. BAPS ने रविवार को पेरिस के पास फ्रांस में अपने पहले बड़े मंदिर  उद्घाटन किया था.

(इनपुट- न्यूज एजेंसी एएफपी)

यह भी पढ़ें: जर्मनी के एक राज्य में कट्टर दक्षिणपंथी सरकार का बनना दुनिया के लिए क्यों बड़ी खबर?

Featured Video Of The Day
'मंत्री और सरपंच के दबाव में दी जान'- बुजुर्ग की मौत पर गरमाई पंजाब की सियासत, इस्तीफे की मांग

Topics mentioned in this article
Paris
Eiffel Tower
BAPS Hindu Mandir