- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 48 घंटे के अंदर खोलने की चेतावनी दी है
- ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने आदेश नहीं माना तो अमेरिका उनके बिजली घरों पर हमला करेगा और उन्हें तबाह कर देगा
- ईरान ने दक्षिणी इजराइल के अराद और डिमोना शहरों में मिसाइल हमले किए हैं जिससे 84 लोग घायल हुए हैं
Donald Trump On Strait Of Hormuz: ईरान-इजरायल युद्ध खत्म होने के संकेतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर ईरान को धमकी दी है. ट्रंप ने इस बार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 48 घंटे के अंदर खोलने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान ने ये नहीं किया तो अमेरिका उनके अलग-अलग पावर प्लांट (बिजली घरों) पर हमला कर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा. इसके अलावा दक्षिणी इजराइल के दो शहरों अराद (Arad) और डिमोना (Dimona) में ईरान ने मिसाइल हमले किए हैं. इस हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं जिनमें 10 की स्थिति गंभीर है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ट्रंप की धमकी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की सख्त चेतावनी देते हुए ट्रूथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि अगर ईरान अगले 48 घंटों के भीतर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (समुद्री रास्ता) को पूरी तरह नहीं खोलता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके अलग-अलग पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा. ट्रंप ने कहा कि इसकी शुरुआत सबसे बड़े पावर प्लांट से होगी.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर आगे लिखा कि अमेरिका ने ईरान का नामोनिशान मिटा दिया है फिर भी उनके मामूली विश्लेषक,डेविड सैंगर का कहना है कि मैंने अपने लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं.मैंने अपने लक्ष्य पूरे कर लिए हैं और वो भी समय से कई हफ्ते पहले! उनका नेतृत्व खत्म हो चुका है,उनकी नौसेना और वायु सेना ढेर हो चुकी है.उनके पास बचाव का कोई रास्ता नहीं है और अब वे समझौता करना चाहते हैं.ट्रंप ने कहा कि मैं ये नहीं चाहता. हम समय से बहुत आगे चल रहे हैं.
इजरायल की इस न्यूक्लियर सिटी पर हो गया हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने इधर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर धमकी दी और उधर ईरान ने इजरायल पर जवाबी हमला करते हुए दो शहरों अराद (Arad) और डिमोना (Dimona) में मिसाइल हमले किए हैं.इस हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं जिनमें 10 की स्थिति गंभीर है. अराद में घायलों की संख्या 84 है तो वहीं डिमोना में 33 लोग घायल हो चुके हैं. डिमोना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां इजरायल का एक परमाणु केंद्र (Nuclear Facility) स्थित है.
दुनिया भर में यह माना जाता है कि डिमोना में वह केंद्र है जहां मध्य पूर्व का एकमात्र परमाणु शस्त्रागार (Nuclear Arsenal) मौजूद है.हालांकि इजरायल ने कभी भी आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार नहीं किया है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं.वह इस मामले में "अस्पष्टता" बनाए रखता है और आधिकारिक तौर पर इस प्लांट को केवल एक अनुसंधान केंद्र (Research Facility) बताता है. हालांकि इस हमले से इजरायल के परमाणु संयंत्रों को नुकसान नहीं पहुंचा है.
ईरान ने इस हमले का लिया बदला
मेडिक्स और सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार,इजरायल का प्रसिद्ध एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defence System) इन मिसाइलों को बीच में रोकने में विफल रहा,जिसके कारण रिहायशी इलाकों में सीधा प्रहार हुआ. ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार,डिमोना पर किया गया यह हमला इजरायल की ओर से ईरान के नतान्ज (Natanz) परमाणु स्थल पर किए गए पिछले हमले का जवाब यानी बदला है.
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