ट्रंप ने ही खोल दी शहबाज शरीफ के झूठ की पोल, बताया- ईरान के साथ सीजफायर एग्रीमेंट में लेबनान क्यों नहीं?

ईरान और अमेरिका के बीच हुई सीजफायर समझौते पर लेबनान शामिल नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसकी जानकारी दी है.

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डोनाल्ड ट्रंप और शहबाज शरीफ. (फाइल फोटो)
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  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान-अमेरिका सीजफायर में लेबनान शामिल होने का झूठा दावा किया था
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ किया कि लेबनान इस डील का हिस्सा नहीं है
  • ट्रंप ने हिज्बुल्लाह के कारण लेबनान को सीजफायर समझौते से बाहर रखा गया और इसका समाधान निकलेगा बताया
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अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जो झूठ बोला था, उसकी पोल खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खोल दी है. शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि इस सीजफायर एग्रीमेंट में लेबनान भी शामिल है. हालांकि, इसे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खारिज कर दिया था. अब ट्रंप ने भी इसे खारिज कर दिया है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ हुए समझौते में लेबनान शामिल नहीं है.

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया था. इसके बाद शहबाज शरीफ ने भी एक पोस्ट की और सीजफायर की बात कही. इसमें उन्होंने दावा किया कि इस सीजफायर एग्रीमेंट में लेबनान भी शामिल है.

हालांकि, इसके कुछ देर बाद ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि सीजफायर डील में लेबनान का नाम नहीं है और लेबनान पर हमले नहीं रुकेंगे. अब ट्रंप और व्हाइट हाउस ने भी साफ कर दिया है कि लेबनान इसका हिस्सा नहीं है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने CNN के पत्रकार बराक रेविड से कहा कि ईरान के साथ हुए सीजफायर एग्रीमेंट में लेबनान शामिल नहीं है. 

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लेबनान क्यों नहीं? ट्रंप ने बताई वजह

ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ सीजफायर में लेबनान और हिज्बुल्लाह शामिल नहीं है. PBS से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर समझौते में लेबनान को शामिल नहीं किया गया था.

उन्होंने लेबनान को शामिल नहीं करने की वजह भी बताई. उन्होंने कहा, 'हिज्बुल्लाह की वजह से उन्हें इस समझौते में शामिल नहीं किया गया. उसका भी हल निकल जाएगा.'

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लेबनान पर हमले तोड़ न दे सीजफायर?

सीजफायर एग्रीमेंट के ऐलान के बाद से ही लेबनान को लेकर कन्फ्यूजन था. ट्रंप की घोषणा के बाद जब शहबाज शरीफ ने पोस्ट की तो उन्होंने दावा किया कि यह सीजफायर लेबनान में भी लागू होगा. 

हालांकि, कुछ देर बाद ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह सीजफायर लेबनान में लागू नहीं होगा. इतना ही नहीं, इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने भी कहा कि उसने ईरान पर हमला करना बंद कर दिया है लेकिन लेबनान में ऑपरेशन जारी रहेगा. उसने कहा कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली सेना का ऑपरेशन जारी है.

सीजफायर के बावजूद बुधवार को लेबनान पर लगातार हमले होते रहे. अब इससे सीजफायर टूटने का खतरा बढ़ गया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने मध्यस्थों से साफ कर दिया है कि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत लेबनान में सीजफायर पर निर्भर करती है. साथ ही ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के फैसले से पलट सकता है.

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ईरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम को एक सूत्र ने बताया कि अगर इजरायल, लेबनान पर हमले जारी रखकर सीजफायर तोड़ता रहता है तो ईरान समझौते से पीछे हट सकता है. ईरानी सूत्र का कहना है कि इजरायल सुबह से लेबनान पर क्रूर हमले कर रहा है जो सीजफायर का उल्लंघन है.

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