नाटो, जापान, साउथ कोरिया... ईरान युद्ध में खुद अपने सहयोगियों को क्यों कोस रहे ट्रंप, बोले- ये बस कागजी शेर

ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे भयानक हमले की धमकी दी है. इस बीच ट्रंप ने सहयोगी देशों के लिए कहा है कि वह अमेरिका की मदद नहीं कर रहे हैं. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि ये देश अमेरिकी की राह में रोड़े अटका रहे हैं.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच अपने सबसे करीबी सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला है. एक तरफ जहां ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अकेले ही ईरान से निपटने में सक्षम है, वहीं दूसरी तरफ नाटो (NATO), जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें 'धोखेबाज' बताया है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर मंगलवार रात तक ईरान के साथ कोई 'डील' नहीं होती, तो ईरान भयानक हमलों का दौर शुरू हो जाएगा.

व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोमवार को ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर था. उन्होंने नाटो गठबंधन की आलोचना करते हुए उसे 'पेपर टाइगर' यानी कागजी शेर कह डाला.

'हमारे सहयोगियों ने रत्ती भर मदद नहीं की'

ट्रंप ने कहा, "हकीकत तो यह है कि हमें उनकी जरूरत ही नहीं थी, क्योंकि उन्होंने हमारी रत्ती भर मदद नहीं की है. मदद करना तो दूर, उन्होंने हमारे रास्ते में रोड़े अटकाए. उन्होंने हमें अपने लैंडिंग स्ट्रिप्स (हवाई पट्टियां) तक इस्तेमाल नहीं करने दीं. आप सोचिए, ये हमारे सहयोगी हैं."

ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को भी जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि अमेरिका जापान की रक्षा के लिए वहां अपने 50 हजार सैनिक तैनात रखता है, वहीं दक्षिण कोरिया में भी 45 हजार अमेरिकी सैनिक किम जोंग उन से उनकी रक्षा कर रहे हैं, लेकिन जब ईरान के खिलाफ सहयोग की बात आई, तो इन सभी देशों ने हाथ पीछे खींच लिए.

किम जोंग उन और जो बाइडेन का जिक्र कर कसा तंज

ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने 'बेहतर रिश्तों' का हवाला देते हुए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा. ट्रंप ने दावा किया कि किम जोंग उन ने बाइडेन की मानसिक स्थिति को लेकर बेहद अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. ट्रंप के मुताबिक, किम जोंग बाइडन को पसंद नहीं करते थे, लेकिन उनके (ट्रंप के) साथ किम के रिश्ते बहुत 'मधुर' हैं.

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ट्रंप ने कहा, "किम जोंग उन ने बाइडेन के लिए बहुत ही कड़े और भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया था, जो काफी डरावना था. लेकिन आपने गौर किया होगा कि मेरे समय में उत्तर कोरिया के साथ सब कुछ कितना शांत और अच्छा है? वह ट्रंप को पसंद करते हैं."

'कल रात तक हो सकता है ईरान का सफाया'

ट्रंप ने तेहरान को हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और उनकी शर्तों पर समझौता करने के लिए मंगलवार रात 8 बजे तक की समयसीमा दी है. ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर तय समय तक डील नहीं हुई, तो अंजाम बेहद घातक होंगे. उन्होंने कहा, "पूरे ईरान को सिर्फ एक रात में खत्म किया जा सकता है और शायद वह रात 'कल की रात' (मंगलवार) ही हो."

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