अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच अपने सबसे करीबी सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला है. एक तरफ जहां ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अकेले ही ईरान से निपटने में सक्षम है, वहीं दूसरी तरफ नाटो (NATO), जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें 'धोखेबाज' बताया है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर मंगलवार रात तक ईरान के साथ कोई 'डील' नहीं होती, तो ईरान भयानक हमलों का दौर शुरू हो जाएगा.
व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोमवार को ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर था. उन्होंने नाटो गठबंधन की आलोचना करते हुए उसे 'पेपर टाइगर' यानी कागजी शेर कह डाला.
'हमारे सहयोगियों ने रत्ती भर मदद नहीं की'
ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को भी जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि अमेरिका जापान की रक्षा के लिए वहां अपने 50 हजार सैनिक तैनात रखता है, वहीं दक्षिण कोरिया में भी 45 हजार अमेरिकी सैनिक किम जोंग उन से उनकी रक्षा कर रहे हैं, लेकिन जब ईरान के खिलाफ सहयोग की बात आई, तो इन सभी देशों ने हाथ पीछे खींच लिए.
किम जोंग उन और जो बाइडेन का जिक्र कर कसा तंज
ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने 'बेहतर रिश्तों' का हवाला देते हुए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा. ट्रंप ने दावा किया कि किम जोंग उन ने बाइडेन की मानसिक स्थिति को लेकर बेहद अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. ट्रंप के मुताबिक, किम जोंग बाइडन को पसंद नहीं करते थे, लेकिन उनके (ट्रंप के) साथ किम के रिश्ते बहुत 'मधुर' हैं.
'कल रात तक हो सकता है ईरान का सफाया'
ट्रंप ने तेहरान को हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और उनकी शर्तों पर समझौता करने के लिए मंगलवार रात 8 बजे तक की समयसीमा दी है. ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर तय समय तक डील नहीं हुई, तो अंजाम बेहद घातक होंगे. उन्होंने कहा, "पूरे ईरान को सिर्फ एक रात में खत्म किया जा सकता है और शायद वह रात 'कल की रात' (मंगलवार) ही हो."
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