दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक को तबाह कर दिया... सीजफायर के बाद बोले अमेरिकी रक्षा मंत्री

सीजफायर के बाद बोले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि ट्रंप कुछ ही मिनटों में ईरान की इकॉनमी को पंगु बना सकते थे. ईरान ने भारी दबाव में सीजफायर स्वीकार कर लिया.

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  • अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान की सेना को युद्ध में करारी हार का सामना करना पड़ा है
  • अमेरिका ने ईरान की नेवी और वायुसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया है और आसमान पर कब्जा कर लिया है
  • ईरान का कमांड और कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह खत्म हो गया है और वह अब मिसाइलें नहीं बना पाएगा
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ईरान के खिलाफ चल रही जंग में सीजफायर के ऐलान के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक को तबाह कर दिया. ईरान को सेना के मोर्चे पर करारी हार का सामना करना पड़ा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस जंग का हर एक मकसद हासिल कर लिया है.

'ईरान की नेवी और एयरफोर्स तबाह'

पीट हेगसेथ ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की नेवी को तबाह कर दिया. उन्होंने कहा कि ईरान की नेवी समुद्र की गहराइयों में समा गई. इसके अलावाईरान की वायुसेना पूरी तरह खत्म हो गई है. ईरान के आसमान पर हमारा कब्जा था. ईरान की मिसाइलें हवा में ही उड़ा दीं. वहीं ईरान के सेना से जुड़े सभी औद्योगिक ठिकाने पूरी तरह तबाह कर दिए.

'ईरान का कमांड और कंट्रोल सिस्टम खत्म'

हेगसेथ ने कहा कि इस युद्ध में ईरान का कमांड और कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह खत्म हो गया. ईरान अब और मिसाइलें और रॉकेट नहीं बना पाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दया दिखाई और सीजफायर किया. ईरान के नए शासन के पास अब न समय बचा है, न ही कोई विकल्प. ईरान के जमीन में दबे परमाणु हथियारों के निशान मिटा दिए जाएंगे. ईरान के पास अब कोई परमाणु हथियार नहीं बचेगा.

ट्रंप की तारीफ की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए हेगसेथ ने कहा कि दूसरे राष्ट्रपति बस समय बिताते रहे और मुश्किलों को आगे टालते रहे. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने इतिहास रच दिया. कासिम सुलेमानी को मारने से लेकर ओबामा के ईरान के साथ हुए उस समझौते को फाड़कर फेंकने तक या 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' में ईरान की परमाणु साइटों को पूरी तरह तबाह करने तक किसी भी दूसरे राष्ट्रपति ने इस कमांडर-इन-चीफ जैसा साहस और पक्का इरादा नहीं दिखाया है. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिका की निर्णायक जीत भी इसका ही उदाहरण है.

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'ट्रंप कुछ ही मिनटों में कर सकते थे बर्बाद'

हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान ने हमारी शर्तें मानने से इनकार कर दिया होता, तो अगले निशाने उनके पावर प्लांट, पुल, और तेल व ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर होते. ऐसे निशाने जिनका वे बचाव नहीं कर सकते थे और जिन्हें वे असल में दोबारा बना भी नहीं पाते. इसमें उन्हें दशकों लग जाते, और हम पूरी तरह से तैयार थे. राष्ट्रपति ट्रंप के पास कुछ ही मिनटों में ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने की ताकत थी. लेकिन उन्होंने दया दिखाई. उन्होंने उन टारगेट को छोड़ दिया, क्योंकि ईरान ने भारी दबाव में आकर सीजफायर मान लिया था.

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