- धुरंधर द रिवेंज ने रिलीज के पांच दिनों में विश्व स्तर पर आठ सौ करोड़ रुपये का व्यवसाय किया है
- फिल्म में राकेश बेदी द्वारा निभाया गया जमील जमाली का किरदार पाकिस्तानी राजनेता नबील गबोल पर आधारित है
- नबील गबोल ने पहले पार्ट के बाद अपने आप को जमील जमाली से प्रेरित बताया था,अब वे मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं
धुरंधर द रिवेंज ने रिलीज के महज 5 दिनों में जो रिकॉर्ड बनाया है,उसके बाद फिल्म को सुनामी कहना गलत नहीं होगा. कलेक्शन के मामले में इसने पूरी दुनिया में 800 करोड़ का बिजनेस कर लिया है. अकेले भारत में 500 करोड़ का आंकड़ा छूने वाला है. आप सिनेप्रमियों के जोश का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि प्रति दिन की कमाई 100 करोड़ के पार जा रही है. फिल्म को मिल रहीं सुर्खियों के बाद उसमें निभाए किरदारों की असल पहचान खोजी जा रही है क्योंकि ये तो तय है कि कोई न कोई पात्र किसी असल शख्सियत से मेल खाता है. इसमें एक सबसे मशहूर नाम जमील जमाली का है जिसे राकेश बेदी ने निभाया है. पाकिस्तानी नेता नबील गबोल ने धुरंधर का पहला पार्ट रिलीज होने के बाद खुद को इससे प्रेरित बताया था पर दूसरा पार्ट आने के बाद से वो गायब हैं. लोग कह रहे हैं कि पहले पार्ट के बाद खुद को असल जमील जमाली बताने वाले नबील अब प्रेस के सामने आने और इंटरव्यू देने से कतरा रहे हैं.
कौन हैं नबील गबोल?
5 दिसंबर को रिलीज हुई धुरंधर के बाद जिस एक कैरेक्टर ने कुटिल चाल के साथ सबको हंसाया वो था जमील जमाली. इसे मशहूर कलाकार राकेश बेदी ने निभाया है. धुरंधर-2 की रिलीज के बाद फिर इस कैरेक्टर की चर्चा शुरू हो गई, क्लाइमेक्स के बाद तो लोग हक्का-बक्का भी रह गए. खैर जमील जमाली का ये कैरेक्टर पाकिस्तान के एक राजनेता नबील गबोल पर बेस्ड है. रिलीज के बाद नबील भी खूब वायरल होने लगे, खूब इंटरव्यू दिए और नाराजगी भी जताई कि उनका कैरेक्टर दबंग मिजाज का था पर फिल्म के निर्देशक ने उन्हें हल्का दिखाया है.
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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कराची स्थित पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के जोशीले नेता नबील गबोल, लयारी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके लिए वे लंबे समय से आवाज भी उठाते रहे हैं. उनके करियर में भी कई उतार-चढ़ाव आए. पीपीपी में 20 से अधिक वर्ष, ल्यारी की उपेक्षा के कारण 2013 में उन्हें पार्टी छोड़ना पड़ा, एमक्यूएम में संक्षिप्त कार्यकाल और फिर 2017 में अपने बेटे के साथ पीपीपी में वापसी के बाद राह थोड़ा आसान हुई, लेकिन हाल ही में धुरंधर की रिलीज के बाद गबोल सुर्खियों में छा गए.
धुरंधर-2 में ऐसा क्या दिखा दिया कि बन गया पोपट
नबील गबोल को लोगों ने इसके बाद असली जमील जमाली घोषित कर दिया. नबील ने भी इससे पूरी तरह इनकार नहीं किया. अब अचानक से नबील गबोल का पता नहीं चल रहा है. सबको इंटरव्यू देने वाले,लाइमलाइट में रहने वाले नबील एकदम से गायब हो गए हैं. वजह है धुरंधर-2 का क्लाइमेक्स सीन.
दरअसल धुरंधर-2 के क्लाइमेक्स में घायल रणवीर सिंह जमील जमाली यानी राकेश बेदी से मिलता है. हमजा आका जस्सी उन्हें देखकर चौंकता है पर तभी उसे अजय सान्याल आका आर माधवन की कही एक बात याद आती है. इससे क्लियर हो जाता है कि पाकिस्तान की सियासत में अंदर तक पैठ बना चुके जमील जमाली असल में भारतीय जासूस हैं.
इस ट्विस्ट के बाद से लोग फिर से असली जमील जमाली को खोजने लगे हैं. भारतीय जासूस का टैग और फिल्म के अंदर डॉन दाउद इब्राहिम को धीमा जहर देता देखने के बाद लोग मजे लेने लगे हैं. सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि पहले पार्ट के बाद नबील गबोल ने गर्व से इस कैरेक्टर को अपने से जुड़ा बताया था. अब दूसरे पार्ट में उनके कैरेक्टर के भारतीय जासूस होने का पता चलने पर क्या इस बार वह इसका क्रेडिट लेंगे? नबील गोबिल ने तो एक इंटरव्यू में यहां तक कहा था कि नेटफ्लिक्स वाले कराची के लियारी पर सीरीज बना रहे हैं और इसके लिए मुझसे संपर्क भी किया है.













