- अमेरिका और ईरान युद्ध के कारण सप्लाई चेन में रुकावट से कंडोम की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि होगी
- मलेशिया की कैरेक्स बीएचडी कंपनी ने कंडोम के उत्पादन में लागत बढ़ने के चलते कीमत बढ़ाने की योजना बनाई है
- कैरेक्स सालाना 500 करोड़ से अधिक कंडोम का उत्पादन करता है
US Iran War and Condom Price: अमेरिका और ईरान जंग की मार अब कॉन्डम की कीमत पर भी पड़ने वाली है. सेफ सेक्स और पॉपुलेशन कंट्रोल का यह सबसे बड़े उपाय यानी कॉन्डम भी महंगा होने वाला है. ड्यूरेक्स और ट्रोजन की सप्लायर और दुनिया की सबसे बड़े कंडोम निर्माता कंपनी- मलेशिया की कैरेक्स बीएचडी ने कॉन्डम की कीमतों में 20% से 30% तक बढ़ोतरी करने की योजना बनाई है. वजह अमेरिका- ईरान युद्ध के कारण सप्लाई चेन में आई रुकावट है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी कंपनी के मुख्य कार्यकारी (CEO) ने दी है.
कंपनी के CEO गोह मिया किआट ने मंगलवार, 21 अप्रैल को एक इंटरव्यू में रॉयटर्स को बताया कि कैरेक्स के कॉन्डोम की मांग में भी वृद्धि देखी जा रही है क्योंकि बढ़ती माल ढुलाई लागत और शिपिंग में देरी के कारण इसके कई ग्राहकों के पास सामान्य से कम स्टॉक है. गोह ने कहा, "स्थिति निश्चित रूप से बहुत नाजुक है, कीमतें महंगी हैं... हमारे पास लागत को अभी ग्राहकों पर डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं है."
इस रिपोर्ट के अनुसार कैरेक्स सालाना 500 करोड़ से भी अधिक कंडोम का उत्पादन करता है और ड्यूरेक्स और ट्रोजन जैसे प्रमुख ब्रांडों के साथ-साथ ब्रिटेन के एनएचएस और UN द्वारा संचालित वैश्विक सहायता कार्यक्रमों जैसे सरकारी स्वास्थ्य प्रणालियों का सप्लायर है.
वजह भी समझिए
यह कंडोम निर्माता कंपनी उन कंपनियों की बढ़ती लिस्ट में शामिल हो गई है जो सप्लाई चेन की बाधाओं के लिए कीमत बढ़ाने को तैयार हैं. हॉस्पिटल या मेडिकल में इस्तेमाल होने वाले दस्ताने भी महंगे हो रहे हैं. वजह है कि ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट से ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल की सप्लाई बाधित हुई है, जिससे इस कंपनियों को कच्चे माल नहीं मिल पा रहा है.
गोह ने कहा, फरवरी के अंत में जंग शुरू होने के बाद से, कैरेक्स ने कंडोम के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सिंथेटिक रबर और नाइट्राइल से लेकर पैकेजिंग सामग्री और एल्यूमीनियम फॉइल और सिलिकॉन तेल जैसे ल्यूबरिकेंट तक हर चीज की लागत में वृद्धि देखी है.
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