- चीन ने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिना रोक-टोक जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया है
- अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान के बंदरगाहों से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों को रोका जा रहा है
- युद्ध के दौरान फारस की खाड़ी में लगभग नौ सौ जहाज फंसे रहे और कई जहाजों पर हमले हुए हैं
चीन ने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बगैर रोक-टोक जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा है. ईरान का करीबी सहयोगी और ईरानी तेल का सबसे बड़ा आयातक चीन भी होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नाकाबंदी से उत्पन्न ऊर्जा संकट को लेकर चिंतित है. नाकाबंदी के जरिए ईरान के बंदरगाहों से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों को रोका जा रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य
- युद्ध से पहले, प्रतिदिन लगभग 135 जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरते थे.
- न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा केप्लर डेटा के विश्लेषण के अनुसार, युद्ध के दौरान फारस की खाड़ी में लगभग 900 जहाज फंसे रहे.
(14 अप्रैल तक) जहाज ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि ईरान पर युद्ध शुरू होने के बाद से 279 जहाज जलडमरूमध्य से गुजरे हैं और 22 पर हमले हुए हैं.
किन देशों के जहाजों पर हुआ हमला: संयुक्त अरब अमीरात के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आठ जहाजों पर हमला हुआ, ओमान के जलक्षेत्र में छह, इराक और कतर के जलक्षेत्र में दो-दो, और बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब और ईरान के जलक्षेत्र में एक-एक जहाज पर हमला हुआ.
अमेरिकी नाकाबंदी
ओमान की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में 12 से अधिक अमेरिकी सैन्य पोत तैनात किए गए हैं. अमेरिकी सेना रडार, गश्ती विमानों और ड्रोन का उपयोग करके दूर से क्षेत्र की निगरानी कर रही है.
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बृहस्पतिवार को कम से कम दो अमेरिकी प्रतिबंधित, ईरान से जुड़े पोत होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर फारस की खाड़ी में प्रवेश कर गए, जो पारगमन मार्गों में संभावित बदलाव का संकेत है, जबकि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है.
क्या ईरान वास्तव में जहाजों से जुर्माना वसूल सकता है? वैश्विक कानून क्या कहता है?
कानून कहता है कि 'जलडमरूमध्य से सटे देश अपनी सीमा से 12 समुद्री मील तक अपने प्रादेशिक समुद्र में आवागमन को नियंत्रित कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बेरोकटोक आवागमन की अनुमति देनी होगी.'
कानून क्या है? 1982 में अपनाई गई और 1994 से लागू संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) कहता है कि अनुच्छेद 38 होर्मुज जलडमरूमध्य सहित विश्व भर में 100 से अधिक जलडमरूमध्यों से निर्बाध "पारगमन मार्ग" का अधिकार जहाजों को प्रदान करता है. इसमें विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि 'जलडमरूमध्य से सटे देश अपनी सीमा से 12 समुद्री मील तक अपने प्रादेशिक समुद्र के भीतर आवागमन को विनियमित कर सकते हैं, लेकिन उन्हें बेरोकटोक आवागमन की अनुमति देनी होगी.'
क्या टोल को चुनौती दी जा सकती है? संयुक्त राष्ट्र समुद्री सीमा समझौते (UNCLOS) को लागू करने के लिए कोई औपचारिक तंत्र नहीं है. हैम्बर्ग स्थित अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण और हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय जैसे न्यायालय निर्णय दे सकते हैं, लेकिन वे उन्हें लागू नहीं कर सकते.
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