ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच पिछले एक महीने से ज्यादा समय से चल रही जंग फिलहाल 2 हफ्ते के लिए थम गई है. ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने सेना को गोलीबारी रोकने का निर्देश दे दिया है. ईरान और अमेरिका ने सीजफायर का ऐलान कर दिया है. इजरायल ने भी युद्ध रोकने पर सहमति जता दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे की, जो डेडलाइन दी थी, उसके खत्म होने से ठीक पहले ही दोनों देश 2 हफ्ते के लिए जंग रोकने को तैयार हो गए. ईरान और अमेरिका कैसे सीजफायर के लिए तैयार हुए? किन शर्तों पर 2 हफ्ते के लिए ये सीजफायर हुआ है... सीजफायर पर किसने क्या कहा, पढ़िए.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बोले- बेहद खुशी हो रही
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग के थमने पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने ट्वीट किया, "मुझे यह ऐलान करते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि ईरान और अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ लेबनान और अन्य सभी क्षेत्रों में तुरंत सीजफायर पर सहमत हो गए हैं. इस कदम का हार्दिक स्वागत करता हूं और दोनों देशों के नेतृत्व के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. मैं उनके प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में सभी मसलों को हल करने के लिए एक निर्णायक समझौते पर आगे की बातचीत के लिए आमंत्रित करता हूं." पाक पीएम शहबाज शरीफ ने कहा, "ईरान और अमेरिका ने बुद्धिमानी और सूझबूझ दिखाई है, जिससे शांति और स्थिरता आने की उम्मीद है. हम पूरी उम्मीद करते हैं कि 'इस्लामाबाद वार्ता' स्थायी शांति हासिल करने में सफल होगी और आने वाले दिनों में और भी अच्छी खबरें दुनिया से शेयर करने की उम्मीद करता हूं."
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
ईरान और अमेरिका दोनों के लिए मंगलवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा. कुछ घंटों पहले यह धमकी देने के बाद कि 'आज रात एक पूरी सभ्यता मर जाएगी', अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने ईरान के साथ दो हफ्ते का सीजफायर कर लिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर किया. ट्रंप ने कहा, "पाकिस्तान की तरफ से दिया गया प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है. इस प्रस्ताव में कहा गया है कि दो हफ्ते तक लड़ाई रोक दी जाए और होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोल दिया जाए. अमेरिका इन दो हफ्तों के समय का इस्तेमाल ईरान के साथ अंतिम समझौता करने के लिए करेगा. मतल इन दो हफ्तों में बातचीत होगी." हालांकि, अमेरिका ने यह नहीं बताया कि ये बातचीत कहां होगी.
ट्रंप ने आगे कहा, "सीजफायर करने की वजह यह है कि हम अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को पहले ही हासिल कर चुके हैं और उनसे भी आगे बढ़ चुके हैं. साथ ही हम ईरान के साथ लंबे समय की शांति और पूरे मिडिल ईस्ट में शांति के लिए एक पक्का समझौता करने के बहुत करीब हैं. वॉशिंगटन को तेहरान से 10 प्वाइंट का ऑफर मिला है और इसे बातचीत शुरू करने के लिए अच्छा आधार माना जा रहा है."
व्हाइट हाउस का भी आया बयान
ईरान के साथ सीजफायर के ऐलान पर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, "बातचीत जारी रहेगी... राष्ट्रपति ट्रंप का बयान ही आगे की दिशा तय करेगा. बातचीत का आधार क्या होगा राष्ट्रपति के रुख से तय होगा. सच ये है कि हमारे राष्ट्रपति और हमारी पावरफुल सेना ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को राजी किया है और अब आगे की बातचीत जारी रहेगी."
ये भी पढ़ें :-होर्मुज खोलने और सीजफायर के लिए क्यों राजी हुआ ईरान? दावा- ट्रंप ने ये 8 शर्तें मान लीं
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची बोले- होर्मुज सभी जहाजों के लिए सुरक्षित
ईरान भी सीजफायर के लिए तैयार हो गया है. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ट्वीट में की गई भाईचारे वाली अपील के जवाब में और अमेरिका द्वारा उसके 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के आधार पर बातचीत की मांग पर हमने विचार किया है. मैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह ऐलान करता हूं कि अगर ईरान पर हमले रुक जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देंगी." आगे उन्होंने कहा, "दो हफ्तों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सभी जहाजों सुरक्षित निकल सकेंगे, लेकिन इसके लिए ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय (कॉर्डिनेट) करना होगा और कुछ तकनीकी सीमाओं का भी ध्यान रखना होगा."
ये भी पढ़ें :- ट्रंप के सीजफायर वाले ऐलान के बाद अमेरिकी तेल के दाम धड़ाम! 15% से ज्यादा टूटा, देखें नई कीमतें














