अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन मंगलवार को अपनी फ्लोरिडा की यात्रा के दौरान 'गर्भपात के अधिकार' का मुद्दा जनता के बीच उठा सकते हैं. ये दक्षिणपूर्वी राज्य लगभग एक दशक से डेमोक्रेट की पहुंच से बाहर रहा है. 2016 और 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप ने यहां जीत दर्ज की थी. लेकिन जब से ट्रंप की प्रेसीडेंसी में सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के संघीय अधिकार को छीन लिया है, यहां के मतदाता नाराज हैं और इसको लेकर कई रैलियां भी की गई हैं. बाइडन के कैंपेन में गर्भपात के अधिकार शीर्ष मुद्दा है और इस मुद्दे को लेकर वो हमेशा से ट्रंप पर निशाना साधते रहे हैं.
गर्भपात के अधिकार का मुद्दा अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में काफी अहम रहा है और इसका सीधा असर वोटरों पर पड़ता है. ऐसे में हर हालात में इस मुद्दे के जरिए बाइडन ट्रंप को घेरे की कोशिश करेंगे और फ्लोरिडा की जनता को अपने पक्ष में लगाएंगे.
बाइडन के अभियान के प्रवक्ता जूली चावेज़ रोड्रिगेज ने कहा, "फ्लोरिडा राज्य जीतना आसान नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति बाइडन के लिए यह जीतने योग्य राज्य है." ट्रंप उम्मीद कर रहे हैं कि अमेरिकी किसी तरह यह भूल जाएंगे कि उनकी वजह से इस देश में महिलाओं को हर दिन जिस भयावहता का सामना करना पड़ रहा है, उसके लिए वह जिम्मेदार हैं.''
नवंबर 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में बाइडन और ट्रम्प के बीच दोबारा मुकाबले का रास्ता साफ हो गया है. इक्यासी वर्षीय बाइडन अमेरिका के सबसे उम्रदराज़ राष्ट्रपति हैं. उन्होंने 6 जनवरी के विद्रोह, गर्भपात और बंदूक नियंत्रण जैसे कई मुद्दों पर 77 वर्षीय ट्रम्प की आलोचना की. राष्ट्रपति चुनाव में इन्हीं मुद्दों को लेकर बाइडन ट्रंप को घेरने में लगे हुए हैं.
दूसरी ओर ट्रम्प मंगलवार को न्यूयॉर्क में अपने हश मनी केस की सुनवाई में होंगे.
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