- बांग्लादेश की पूर्व PM शेख हसीना ने उस्मान हत्याकांड को भारत से जोड़ने वाले आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया
- कट्टरपंथी समूह उस्मान हादी की हत्या का राजनीतिक दुरुपयोग कर बांग्लादेश में तनाव और अराजकता बढ़ा रहे हैं- हसीना
- शेख हसीना ने कहा कि भारत बांग्लादेश का सबसे करीबी सहयोगी है और दोनों देशों के संबंध दशकों से मजबूत हैं
Sheikh Hasina Exclusive Interview: बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने NDTV को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि बांग्लादेश को हिंसा की आग में झोंकने वाले उस्मान हादी हत्याकांड को भारत से जोड़ने का कट्टरपंथियों का प्रयास जानबूझकर किया जा रहा है और पूरी तरह से निराधार है. यह नैरिटेव उन कट्टरपंथी ताकतों से प्रेरित हैं, जो बांग्लादेश के सबसे करीबी सहयोगी भारत के प्रति शत्रुता पर आधारित हैं और आंतरिक शासन की विफलताओं को विदेशी साजिशों के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं.
दरअसल हाल ही बांग्लादेश के अंदर भारत विरोधी तत्व लगातार मजबूत होते जा रहे हैं और ये अपनी आतंरिक अशांति को रोक पाने की अक्षमता का दोष भारत पर ही मढ़ रहे हैं. बांग्लादेश की मौजूदा सच्चाई यह बन गई है कि वहां कानून का नहीं, उन्मादी भीड़ का शासन हावी होता दिख रहा है. एक के बाद एक हिंदुओं की वहां हत्याएं हुई हैं और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार निंदा और हाथ पर हाथ धरे बैठे होने के अलावा कुछ नहीं कर रही है. इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान हादी की हाल ही में हत्या के बाद हुई हिंसा ने बांग्लादेश को झुलसा दिया था. मसला वहां के लॉ एंड ऑर्डर का था लेकिन कट्टरपंथियों ने उसका दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश की.
इस सवाल के जवाब में शेख हसीना ने कहा, "उस्मान हादी की हत्या एक दुखद और निंदनीय कृत्य था जो अंतरिम सरकार में बांग्लादेश में फैली अराजकता और चुनावी हिंसा का प्रत्यक्ष परिणाम था. आगे की हिंसा को रोकने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने के बजाय, उनकी मौत का उपयोग चरमपंथी समूहों ने अपनी कट्टरपंथी विचारधाराओं को आगे बढ़ाने, तनाव भड़काने, लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला करने और कानून और व्यवस्था बनाए रखने में अंतरिम सरकार की अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए एक राजनीतिक उपकरण के रूप में किया है."
उस्मान हादी की हत्या को भारत से जोड़ने की कोशिश पर शेख हसीना ने कहा, "इस मामले को भारत से जोड़ने का प्रयास जानबूझकर और पूरी तरह से निराधार है. वे कट्टरपंथी ताकतों से प्रेरित हैं जो बांग्लादेश के सबसे करीबी सहयोगी के प्रति शत्रुता पर आधारित हैं और आंतरिक शासन की विफलताओं को विदेशी साजिशों के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं. यह मनगढ़ंत नैरेटिव केवल सार्वजनिक चर्चा को कट्टरपंथी बनाने और हमारे दोनों देशों के बीच दशकों के विश्वास को कमजोर करने का काम करती है... भारत हमारा निकटतम सहयोगी है, और हमारे दोनों देशों ने विश्वसनीय व्यापार और राजनयिक संबंध बनाने और हमारे क्षेत्र की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कई दशकों से मिलकर काम किया है. विदेश नीति के प्रति यूनुस सरकार का अविवेकपूर्ण दृष्टिकोण न केवल अदूरदर्शी है, बल्कि अत्यधिक खतरनाक भी है."
कौन था उस्मान हादी?
32 साल के इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी का नाम 2024 में बांग्लादेश में हुए आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था. इन आंदोलनों के कारण शेख हसीना सरकार गिर गई थी. 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारकर हादी की हत्या कर दी गई थी. उस्मान 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए उम्मीदवार भी थे. इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. कुछ कट्टरपंथी समूहों ने इस मामले में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया है. भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें “दुष्प्रचार” बताया है.
शेख हसीना का पूरा इंटरव्यू पढ़ने के लिए आप नीचे दिए आर्टिकल लिंक पर क्लिक करें.
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं एक पैंटर्न का हिस्सा, भारत सबसे बड़ा दोस्त- शेख हसीना














