पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश भी गाजा भेजना चाहता है अपनी सेना

बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) खलीलुर रहमान ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कहा कि उनका देश गाजा में प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स में शामिल होने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार है.

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  • बांग्लादेश ने गाजा में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल में शामिल होने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है
  • बांग्लादेश के NSA ने अमेरिकी मंत्री से मुलाकात में गाजा में शांति सेना का हिस्सा बनने की इच्छा व्यक्त की
  • बैठक में बांग्लादेश के आगामी चुनाव, रोहिंग्या शरणार्थियों के संकट और व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा हुई
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गाजा संकट के बीच बांग्लादेश ने बड़ा फैसला लिया है. पाकिस्तान की तर्ज पर अब बांग्लादेश ने भी गाजा में अपनी सेना भेजने की इच्छा जताई है. बांग्लादेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह गाजा में प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल) में शामिल होने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार है. ये बात बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) खलीलुर रहमान ने अमेरिकी मंत्री एलिसन हुकर से मुलाकात के दौरान कही. 

अमेरिकी मंत्री से बांग्लादेशी NSA की मुलाकात

बांग्लादेश के एनएसए खलीलुर रहमान और अमेरिकी विदेश विभाग में राजनीतिक मामलों की उप मंत्री एलिसन हुकर और विदेश विभाग में सहायक मंत्री पॉल कपूर के बीच वॉशिंगटन में अहम मुलाकात हुई. बैठक के दौरान बांग्लादेश ने गाजा में शांति सेना का हिस्सा बनने की इच्छा जताई. इस पर अमेरिका ने सकारात्मक रुख अपनाया. अमेरिकी मंत्री हुकर का कहना था कि वो इस मामले में बांग्लादेश के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं.

बांग्लादेश के आगामी चुनाव पर भी हुई चर्चा

बैठक में केवल गाजा संकट ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश के आंतरिक हालात और भविष्य पर भी चर्चा हुई. एनएसए खलीलुर रहमान ने आगामी चुनाव प्रक्रिया के दौरान अंतरिम सरकार को दिए गए समर्थन के लिए अमेरिका का आभार जताया. वहीं एलिसन हुकर ने भरोसा दिलाया कि अमेरिका बांग्लादेश में लोकतांत्रिक परिवर्तन का समर्थन करता रहेगा. अमेरिका ने उम्मीद जताई कि फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होंगे.

बैठक में बांग्लादेश ने रोहिंग्या शरणार्थियों के संकट का मुद्दा भी उठाया. खलीलुर रहमान ने विस्थापित लोगों की मदद के लिए अमेरिका का धन्यवाद किया, लेकिन साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस बोझ को साझा करने की अपील भी की. इसके अलावा  व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर भी बात हुई. बांग्लादेश ने अमेरिकी वीजा बॉन्ड की अनिवार्यता के कारण बांग्लादेशी व्यापारियों को हो रही दिक्कतों का जिक्र किया और अल्पकालिक बी1 बिजनेस वीजा को इस बॉन्ड से छूट देने का अनुरोध किया.

पाकिस्तान भी गाजा फोर्स में जुड़ना चाहता है

बांग्लादेश से पहले, पाकिस्तान ने भी इसी तरह की गाजा में अपनी सेना भेजने की इच्छा जताई थी. हालांकि इसे लेकर पाकिस्तान के अंदर ही काफी विरोध हुआ था. पाकिस्तान ने इसके बाद कहा कि गाजा फोर्स में शामिल होने को लेकर वह अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगा. हालांकि इस बीच इजरायल ने साफ कह दिया है कि वह पाकिस्तान की सेना के गाजा फोर्स में शामिल होने को लेकर सहज नहीं है. 

इजरायल को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने NDTV से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि इजरायल अमेरिका द्वारा प्रस्तावित किसी भी गाजा स्थिरीकरण बल में पाकिस्तानी सेना को शामिल करने के साफ खिलाफ है. उन्होंने कहा कि कोई देश केवल उन्हीं देशों के साथ सहयोग कर सकते हैं, जिन पर उन्हें भरोसा है और जिनके साथ उनके राजनयिक संबंध हैं. उन्होंने साफ संकेत दिया कि इजरायल को पाकिस्तान पर ऐसा भरोसा नहीं है. 

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