- बांग्लादेश सेना के शीर्ष स्तर पर नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद मैनूर रहमान नियुक्त किए गए हैं
- मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी को फोर्सेज इंटेलिजेंस महानिदेशालय का महानिदेशक पद मिला, मेजर जनरल के पद पर प्रमोट
- सशस्त्र बल प्रभाग के प्रमुख कर्मचारी अधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल मीर मुश्फिकुर रहमान नियुक्त हुए
बांग्लादेश सेना के शीर्ष स्तर पर रविवार को बड़ा फेरबदल हुआ, जिसमें एक नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (सीजीएस) की नियुक्ति भी शामिल है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट से यह जानकारी प्राप्त हुई. ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सेना मुख्यालय द्वारा जारी किए गए ये बदलाव प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नयी सरकार के 17 फरवरी को सत्ता संभालने के कुछ दिनों बाद हुए हैं. इस फेरबदल से प्रमुख रणनीतिक कमानों के साथ-साथ देश की प्रमुख सैन्य खुफिया एजेंसी भी प्रभावित हुई है.
लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद मैनूर रहमान को बांग्लादेश सेना का चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) नियुक्त किया गया है. नियुक्ति से पहले, उन्होंने सेना प्रशिक्षण और सिद्धांत कमान (ARTDOC) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में काम किया. वह लेफ्टिनेंट जनरल मिज़ानुर रहमान शमीम का स्थान लेंगे, जो हाल ही में रिटायर हो गए हैं. वहीं मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी को फोर्सेज इंटेलिजेंस महानिदेशालय का महानिदेशक नियुक्त किया गया है. वर्तमान में वह सेना मुख्यालय में ब्रिगेडियर जनरल के रूप में काम करते हैं. वह मेजर जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद नया पद ग्रहण करेंगे.
मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी ने मेजर जनरल मोहम्मद जहांगीर आलम का स्थान लिया, जिन्हें विदेश मंत्रालय में राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया है. फेरबदल में सशस्त्र बल प्रभाग के प्रमुख कर्मचारी अधिकारी (पीएसओ) के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल मीर मुश्फिकुर रहमान की नियुक्ति भी शामिल है. उन्होंने पहले चटगांव में 24वें इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी के रूप में कार्य किया था. इस बीच, निवर्तमान पीएसओ लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कमरुल हसन को राजदूत के रूप में विदेश मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया है.
बता दें कि बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने 12 फरवरी को हुए महत्वपूर्ण चुनावों में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया. साठ-वर्षीय रहमान ने 17 फरवरी को शपथ ली, जिससे मुहम्मद यूनुस के 18 महीने के अंतरिम शासन का अंत हुआ.
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