- अमेरिकी दूतावास पर हमलावरों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है और जांच जारी है
- ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों को बिना अनुमति के गुजरने पर धमकी देते हुए उन्हें रोकने की बात कही है
- अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर की घोषणा के बाद भी मिडिल ईस्ट में हमले जारी हैं
ईरान और US के सीजफायर के बीच लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर हथियारबंद लोगों द्वारा हमला करने की खबर आ रही है. लेबनान के एक सुरक्षा सूत्र ने LBC टेलीविज़न नेटवर्क को, बिना कोई विस्तृत जानकारी दी गई है. बताया जा रहा है कि बुधवार की शाम में एक वाहन से लेबनान स्थित अमेरिकी दूतावास की ओर गोलीबारी की गई और उसके बाद ऐसा करने वाले मौके से फरार हो गए. अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि अमेरिकी दूतावास पर हमला करने वाले ये लोग कौन थे. स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां इसकी अभी जांच कर रही हैं.
आपको बता दें कि बेरूत में हुआ ये हमला ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर 16 घंटों के अंदर ही हुआ है. सीजफायर के बाद ही ईरान की नेवी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक बड़ी धमकी जारी कर दी है. ईरान की नेवी ने कहा है कि होर्मजु में जो भी जहाज खड़े हैं वो बगैर हमारी अनुमति के यहां से नहीं जा सकते. अगर किसी ऐसा किया तो हम उसे वहीं उड़ा देंगे. ईरान की ये धमकी उस वक्त आई है जब अमेरिका के साथ सीजफायर हुए अभी 12 घंटे का ही वक्त बीता है.
अमेरिकी अखबार ने ईरान की इन धमकियों की बात ही है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा है कि ईरान की नेवी ने होर्मुज में फंसे जहाजों से कहा है कि यहां से गुजरने के लिए उन्हें अभी भी ईरान से इजाजत लेने की जरूरत है. इन जहाजों को रेडियो के जरिये ये मैसेज दिया गया है. ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर के ऐलान के बीच ही मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हमले शुरू हो गए. पहले ईरान के रिफाइनरी पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया. वहीं अब इसके जवाब में ईरान ने भी हमले शुरू कर दिए हैं. ईरान ने UAE और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.
14 दिनों का हुआ है सीजफायर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष-विराम समझौते के तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्ते के लिए सशर्त रोकने की घोषणा की. उन्होंने इस कदम को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़' को फिर से खोलने के प्रयासों से जोड़ा. ईरान ने इस प्रस्ताव को अस्थायी रूप से स्वीकार करने का संकेत दिया. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो तेहरान भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा. जंग में हिज्बुल्लाह में ईरान का साथ दिया है. अब ईरान का कहना है कि हिज्बुल्ला के खिलाफ भी इजरायल को हमले रोकने होंगे.
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