अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी FBI ने एक और भारतीय नागरिक को अपनी वॉन्टेड सूची में शामिल किया है. गुजरात के रहने वाले कल्पेश कुमार रासिक भाई पटेल पर आरोप है कि उसने 2017 से 2021 के बीच एक संगठित कॉल-फ्रॉड नेटवर्क के जरिए पूरे अमेरिका में लोगों से लाखों डॉलर की ठगी की.
सरकारी अधिकारी बनकर डराते थे, धमकाकर ऐंठते थे पैसा
FBI के अनुसार, पटेल और उसके साथी खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को फोन करते थे. उन्हें कहा जाता था कि उनकी पहचान किसी आपराधिक मामले से जुड़ी है और उन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है. डर और दबाव का माहौल बनाकर आरोपी पीड़ितों से तुरंत भुगतान की मांग करते थे. कई मामलों में लोगों को नकद रकम, या प्रीपेड डेबिट कार्ड भेजने के लिए मजबूर किया गया, जिन्हें अलग-अलग पते पर मंगवाया जाता था.
जांचकर्ताओं का कहना है कि इस तरीके से गिरोह ने लाखों डॉलर की ठगी को अंजाम दिया.
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2023 में जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
22 जून 2023 को US के पूर्वी केंटकी जिले की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. उसके खिलाफ मेल फ्रॉड और वायर फ्रॉड साजिश का केस दर्ज है. FBI का संदेह है कि वह फिलहाल Illinois और Pennsylvania के बीच कहीं रह रहा है या लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है ताकि गिरफ्तारी से बच सके.
सूचना देने वालों से मदद की अपील
एजेंसी ने उसे 'फरार अपराधी' घोषित करते हुए कहा है कि उसकी गिरफ्तारी बेहद महत्वपूर्ण है. FBI ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी पटेल की लोकेशन, गतिविधियों या पहचान के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी FBI कार्यालय, स्थानीय पुलिस या किसी अमेरिकी दूतावास से संपर्क करें.
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FBI का कहना है कि पटेल एक संगठित वायर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा था, जो कई राज्यों में सक्रिय था और जिसके पीड़ितों की संख्या दर्जनों में हो सकती है.














