- अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया है
- इजरायली वायुसेना ने ऑपरेशन रोर ऑफ द लॉयन के तहत सैकड़ों टारगेट्स पर मिसाइल हमले किए हैं
- ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है
ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला कर दिया है. सुबह से ही ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. इसी बीच इजरायली सेना ने ईरान पर हमले का पहला वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में एक मिसाइल ईरान के सैन्य ठिकाने को निशाना बनाती दिख रही है. मिसाइल अटैक के बाद धुआं उठता दिख रहा है.
इजरायली वायुसेना ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'ऑपरेशन 'रोर ऑफ द लॉयन' से पहली रिपोर्ट. IDF ने बड़े पैमाने पर हमला किया है, जिसमें पश्चिमी ईरान में सैकड़ों टारगेट पर हमला किया गया. इस ऑपरेशन के तहत वायुसेना ने पश्चिमी ईरान में ईरानी आतंकी शासन के लॉन्चर समेत सैकड़ों मिलिट्री टारगेट पर हमला किया है.'
वायुसेना ने दावा करते हुए अपनी पोस्ट में बताया कि ईरानी एयरफोर्स के हमलों के साथ-साथ एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से दागे जा रही मिसाइलों को रोकने के लिए काम कर रहा है.
महीनों से थी हमले की प्लानिंग
ईरान पर हमले के लिए महीनों से प्लानिंग हो रही थी. इजरायल के एक डिफेंस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि महीनों से इस ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी और हमले की तारीख हफ्तों पहले ही तय हुई थी.
कुछ दिन पहले से ही ईरान के चारों ओर अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा था. इसके बाद से ही ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ गई थी. अब शनिवार सुबह अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के ऑफिस के पास भी हमला हुआ है. हालांकि, खामेनेई को पहले ही किसी सेफ हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है.
इस बीच ईरानी सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने बताया कि दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मिनाब में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए हमले में 36 छात्राओं की मौत हो गई है. मिनाब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का बेस है.













