पायलट रेस्क्यू के लिए CIA ने लगाई 'महाभारत' वाली ट्रिक, कैसे ईरानी सेना के आंखों के सामने हो गया खेल

CIA ने ईरान में अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए अफवाह फैला कर ईरानी सुरक्षा बलों को भटकाए रखा. वहीं ईरानी सेना को ये पता था कि अमेरिका सड़क के रास्ते पायलट को ईरान से निकालने वाली है.

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  • CIA ने ईरान में गिरे अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए अफवाह फैलाकर ईरानी सेना को कन्फ्यूज किया
  • अफवाह में कहा गया कि पायलट को पहले ही खोज लिया गया है और उसे गुप्त रूप से बाहर निकाला जा रहा है
  • ईरानी सेना सड़कों पर नाकेबंदी में व्यस्त रही जबकि CIA ने पायलट की सही लोकेशन ट्रेस की थी.
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युद्ध के मैदान में कभी-कभी गोला-बारूद से ज्यादा कारगर एक'अफवाह' साबित होती है. ईरान की धरती पर गिरे एक अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए CIA ने ठीक इसी फार्मूले का इस्तेमाल किया. जब ईरानी सेना और खुफिया एजेंसियां चप्पे-चप्पे पर अमेरिकी एयरमैन की तलाश कर रही थीं, तब CIA ने एक ऐसा माइंड गेम खेला जिसने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का रुख ही बदल दिया. यह ऑपरेशन किसी फिल्मी पटकथा जैसा था, जहां दुश्मन के घर में घुसकर उसे ही गुमराह कर दिया गया.

दरअसल, इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत ईरान के भीतर यह अफवाह फैला दी कि अमेरिकी सेना ने अपने पायलट को पहले ही ढूंढ लिया है.

इतना ही नहीं, अफवाह में यह भी कहा गया कि पायलट को सड़क मार्ग के जरिए गुप्त तरीके से देश से बाहर निकाला जा रहा है. इस एक खबर ने ईरानी सुरक्षा बलों के बीच भारी भ्रम पैदा कर दिया और उनका पूरा ध्यान उस लोकेशन से हट गया जहां असल में पायलट छिपा हुआ था.

CIA के खेल में उलझ गई ईरानी सेना

CIA की इस प्रपंच वाली रणनीति का मकसद ईरान की सर्च टीम को भटकाना था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब ईरानी एजेंसियां सड़कों और जमीनी रास्तों पर नाकेबंदी करने में व्यस्त थीं, तब CIA के एक्सपर्ट्स शांति से पायलट की सटीक लोकेशन ट्रेस कर रहे थे. ईरानी सैनिक उस जगह पर पहरा दे रहे थे जहां पायलट था ही नहीं, जबकि असली हलचल कहीं और हो रही थी.

जैसे ही CIA ने भूसे के ढेर में छिपी सुई की तरह उस एयरमैन को ढूंढ निकाला, उसकी लोकेशन का डेटा तुरंत अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस के साथ साझा किया गया. सूचना मिलते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना देर किए पायलट को सुरक्षित निकालने का आदेश दे दिया.

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ट्रंप का आदेश और सफल 'एक्सट्रैक्शन'

व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन हाल के वर्षों के सबसे चुनौतीपूर्ण मिशनों में से एक था. पायलट की जान बचाने के लिए केवल साहस की नहीं, बल्कि भारी चालाकी की भी जरूरत थी.

CIA ने 'साइकोलॉजिकल वॉरफेयर' (मनोवैज्ञानिक युद्ध) के जरिए ईरान को चकमा दे दिया. जब तक ईरान की सेना को यह समझ आता कि उन्हें गलत सूचना दी गई है, तब तक अमेरिकी कमांडो अपना काम पूरा कर चुके थे. 

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