₹140 लाख करोड़...ईरान से जंग में दनादन पैसे झोंक रहा अमेरिका, सेना-हथियारों पर भारी खर्च की तैयारी

ईरान से जारी जंग के बीच अमेरिका अपना रक्षा बजट बढ़ाने जा रहा है. व्हाइट हाउस ने रक्षा बजट के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर का बजट मांगा है. यह अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट होगा.

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व्हाइट हाउस ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है.
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  • अमेरिका ने ईरान से जारी तनाव के बीच रक्षा बजट लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का प्रस्ताव दिया है
  • बजट पिछले वर्ष की तुलना में 40% अधिक होगा, जिसमें नौसेना बेड़े के विस्तार और मिसाइल रक्षा प्रणाली शामिल है
  • इस बजट से अमेरिकी सैनिकों की तनख्वाह भी 5 से 7% तक बढ़ाई जाएगी
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वॉशिंगटन डीसी:

ईरान से जारी जंग के बीच अमेरिका अपने रक्षा बजट में बेतहाशा बढ़ोतरी करना चाहता है. रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने रक्षा बजट के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 140 लाख करोड़ रुपये) की मांग की है. अगर इसे मंजूरी मिलती है तो यह अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट होगा. रक्षा बजट में यह बढ़ोतरी की मांग ऐसे समय की गई है, जब अमेरिका की ईरान के साथ लड़ाई चल रही है.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इस बजट को मंजूरी मिलती है तो यह पिछले साल की तुलना में 40% ज्यादा होगा. इतने बड़े बजट का मकसद गोला-बारूद के भंडार को मजबूत करना और अमेरिकी नौसेना के बेड़े का विस्तार करना है. साथ ही साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफेंस सिस्टम का काम भी इसी बजट से शुरू किया जाएगा. इसके अलावा, इस बजट से सभी सैन्य कर्मियों की सैलरी में 5 से 7% की बढ़ोतरी भी की जाएगी.

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क्या है ट्रंप का प्लान?

पिछले साल की तुलना में अमेरिका का रक्षा बजट 445 अरब डॉलर ज्यादा होगा. इसमें से 350 अरब डॉलर के बजट को कानून के रूप में पास करने की योजना बनाई जा रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसके लिए डेमोक्रेट्स के समर्थन की जरूरत नहीं होगी. 

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इसके अलावा, नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के लिए फंडिंग को 3.5 अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है. इसका इस्तेमाल नए न्यूक्लियर हथियार बनाने और मौजूदा हथियारों को आधुनिक बनाने में किया जाएगा. 

रक्षा बजट के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर खर्च करना बताता है कि ट्रंप सरकार अपने संसाधनों को कहां इस्तेमाल करना चाहती है. भले ही ट्रंप बार-बार कहें कि अगले दो-तीन हफ्ते में अमेरिका जंग से बाहर निकल जाएगा लेकिन रक्षा बजट में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सवाल खड़े करता है.

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इन चीजों के लिए काटा बजट

सीएनएन के मुताबिक, बजट प्रस्ताव में गैर-रक्षा खर्च में 10% की कटौती करने का प्रस्ताव है. 73 अरब डॉलर की यह कटौती आवास, सोशल सर्विस, हेल्थकेयर जैसी चीजों पर पड़ेगा.

जिन योजनाओं को खत्म किया जाएगा, उनमें 4 अरब डॉलर का 'लो इनकम होम एनर्जी असिस्टेंट प्रोग्राम' शामिल है. इसके साथ ही 77.5 करोड़ डॉलर का 'कम्युनिटी सर्विसेज ब्लॉक ग्रांट' भी शामिल है, जिसका मकसद गरीबी कम करना है.

प्रस्तावित बजट में डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी को मिलने वाली 15 अरब डॉलर की फंडिंग रद्द कर दी जाएगी. साथ ही जलवायु और क्लीन एनर्जी पर होने वाली रिसर्च के लिए मिलने वाले 1 अरब डॉलर से ज्यादा के फंड को भी खत्म कर दिया जाएगा.

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इस बजट में इंटीरियर डिपार्टमेंट यानी गृह विभाग के बजट में लगभग 12% की कटौती का प्रस्ताव दिया गया है. इस प्रस्ताव में गरीब और बेघर लोगों की मदद के लिए चलाई जा रही आवास योजनाओं के बजट में भी कटौती करने की बात कही गई है. दूसरी ओर, 'मेलानिया ट्रंप फॉस्टर यूथ टू इंडिपेंडेंस इनिशिएटिव' के लिए 50 लाख डॉलर का फंड रखा गया है.

इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (IRS) की फंडिंग में भी 1.4 अरब डॉलर की कटौती की जाएगी. साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर मिलने वाली 4.2 अरब डॉलर की सब्सिडी को भी खत्म किया जाएगा.

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