PM मोदी की यात्रा से पूर्व अमेरिका ने ग्रीन कार्ड पात्रता मानदंडों को किया आसान

ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर एक स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है. यह अमेरिका के अप्रवासियों को सबूत के रूप में जारी एक दस्‍तावेज है जो स्थायी रूप से रहने का विशेषाधिकार देता है. 

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सात फीसदी ग्रीन कार्ड ही सालाना किसी एक देश के व्यक्तियों के पास जा सकते हैं. 
वाशिंगटन:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से कुछ दिन पहले बाइडन प्रशासन ने अमेरिका में काम करने और रहने के लिए ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे लोगों के लिए पात्रता मानदंड पर नीतिगत दिशा निर्देश जारी करते हुए नियमों में ढील दी है. अमेरिका के राष्‍ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21-24 जून तक अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं. बाइडन दंपत्ति 22 जून को राजकीय रात्रिभोज में पीएम मोदी की मेजबानी करेगा. पीएम मोदी की इस यात्रा में 22 जून को कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करना भी शामिल है. 

उम्‍मीद की जा रही है कि एम्‍लॉयमेंट ऑथोराइजेशन डॉक्‍यूमेंट के लिए प्रारंभिक और नवीनीकरण आवेदनों के लिए पात्रता मानदंडों के संबंध में यूएस सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज  (US Citizenship and Immigration Services) की ओर से जारी दिशा निर्देशों से हजारों भारतीय टेक्निकल पेशेवरों को मदद मिलेगी जो लंबे समय से ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास को लेकर प्रतीक्षा कर रहे हैं. 

ग्रीन कार्ड को आधिकारिक तौर पर एक स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है. यह अमेरिका के अप्रवासियों को सबूत के रूप में जारी एक दस्‍तावेज है जो कि वाहक को स्थायी रूप से रहने का विशेषाधिकार देता है. 

अमेरिका का आप्रवासन कानून हर साल करीब 1,40,000 रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड जारी करने का प्रावधान करता है. हालांकि उनमें से महज सात फीसदी ही सालाना किसी एक देश के व्यक्तियों के पास जा सकते हैं. 

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अप्रवासी अधिकारों के हिमायती अजय भूटोरिया ने कहा, "ये उपाय चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने वाले व्यक्तियों का समर्थन करने और अमेरिका में कानूनी रूप से काम करने की उनकी क्षमता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं."

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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