वेनेजुएला के बाद क्या ईरान की बारी? खामेनेई ने ट्रंप को पहले ही दे डाली चेतावनी

कहीं ईरान को ये चिंता तो नहीं सता रही कि वेनेजुएला के बाद अमेरिका उन पर स्ट्राइक न कर दे. दरअसल ईरान ने वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले की निंदा करते हुए इसे दक्षिण अमेरिकी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन करार दिया है.

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वेनेजुएला के बाद किसी बारी?
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  • वेनेजुएला में अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को उठाया, जिससे अंतरराष्ट्रीय विवाद बढ़ गया है.
  • ईरान ने अमेरिका के वेनेजुएला हमले की निंदा करते हुए इसे संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया.
  • खामेनेई ने ट्रंप को चेतावनी दी कि वे दुश्मन के सामने नहीं झुकेंगे और मजबूती से खड़े रहेंगे.
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नई दिल्ली:

वेनेजुएला में आधी रात को जो हुआ, वो किसी फिल्म की कहानी जैसा है. अमेरिकी हेलीकॉप्टर वेनेजुएला की राजधानी काराकास में घुसे और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उठा ले गए. ट्रंप अमेरिकी सेना के गुणगान करते नहीं थक रहे हैं. वहीं ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका की आलोचना की है. इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक चेतावनी भी जारी कर दी है. क्या ईरान डरा हुआ है. सवाल अब यही उठ रहा है कि वेनेजुएला के बाद क्या ईरान की बारी है.

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सवाल ये भी है कि कहीं ईरान को ये चिंता तो नहीं सता रही कि वेनेजुएला के बाद कहीं अमेरिका उन पर स्ट्राइक न कर दे. दरअसल ईरान ने वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले की निंदा करते हुए इसे दक्षिण अमेरिकी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन करार दिया है. ईरान ने अमेरिका को इस हमले के जरिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के सीधा उल्लंघन की भी याद दिलाई. ईरान ने इसे लेकर आर्टिकल 2(4) का भी हवाला दिया, यह आर्टिकल अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल के इस्तेमाल पर रोक लगाता है. उसने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और वैश्विक शांति के लिए खतरा है.

खामेनेई ने ट्रंप को दी चेतावनी!

खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब किसी को यह एहसास हो कि कोई दुश्मन झूठे दावों के साथ उसकी सरकार या देश पर कुछ थोपना चाह रहा है, तो उस दुश्मन के खिलाफ मजबूती से खड़ा होने की जरूरत है. हम उनके आगे नहीं झुकेंगे. ऊपर वाले पर भरोसे और लोगों के समर्थन के विश्वास के साथ, दुश्मन को घुटनों पर ला देंगे.

ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों को दिया सुरक्षा का भरोसा

ईरान और अमेरिका के बीच कुछ भी ठीक नहीं है. ईरान में महंगाई के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से सड़क पर जेन-जी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है. प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी देते हुए एक्शन लेने की बात कह डाली. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें बेरहमी से मारता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा. इस पर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने देश के अंदरूनी मामलों में किसी भी तरह की दखलअंदाजी को पूरी तरह से खारिज किया. दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारता है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा.

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खामेनेई ने कहा- हम दुश्मन को घुटनों पर ला देंगे

ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा. इस पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने पलटवार किया है. खामनेई का कहना है कि ईरान दुश्मन के सामने नहीं झुकेगा. हालांकि उन्होंने प्रदर्शनों के पीछे आर्थिक समस्याओं को भी स्वीकार किया. उन्होंने दंगाइयों के खिलाफ चेतावनी भी दी.खामेनेई ने ट्रंप को करारा जवाब देते हुए कहा कि ऊपर वाले की कृपा से हम दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे. 

क्या अमेरिका और इजरायल खोलेंगे एक और मोर्चा?

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे शब्द बाणों को देखकर इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि कहीं दोनों देश एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा न खोल दें. वेनेजुएला की जीत से उत्साहित ट्रंप की नजर कहीं अब ईरान पर तो नहीं टिकी है. हालांकि अब तक ये सिर्फ कयास ही हैं. अब तक ट्रंप या ईरान की तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है. आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं.

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