- अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सेना पर हमला किया और कई सैनिकों को मार गिराने तथा बंदी बनाने का दावा किया
- तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के उल्लंघनों के जवाब में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाए गए
- पाकिस्तान ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए हमलों का तुरंत और प्रभावी जवाब देकर कई चौकियां नष्ट कीं
अफगानिस्तान ने गुरुवार को पाकिस्तानी सेना पर हमला किया और दावा किया कि उसने कुछ दिन पहले हुए घातक हवाई हमलों के जवाब में दर्जनों सैनिकों को मार गिराया और बंदी बना लिया. सीमा पर कई ठिकानों पर यह हमला हाल के महीनों में हुई सीमा झड़पों और अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हमलों के बाद हुआ है.तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, "पाकिस्तानी सेना द्वारा बार-बार किए गए उल्लंघनों के जवाब में, पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान शुरू किए गए."
हमले का आदेश जारी करने का वीडियो
अफगानिस्तान के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने एक वीडियो को री पोस्ट किया है, जिसमें दिखाया गया है कि अफगानिस्तान सेना ने कैसे हमले का आदेश जारी किया.
कुनार प्रांत के राज्यपाल कार्यालय और निवासियों ने एएफपी को बताया कि सैन्य कार्रवाई जारी है, जबकि अफगान अधिकारियों ने कहा कि सशस्त्र बल कई अन्य प्रांतों में भी सक्रिय हैं. उधर, पाकिस्तान ने कहा कि हमले का "तत्काल और प्रभावी ढंग से जवाब दिया जा रहा है".
पाकिस्तान का दावा
मंत्रालय ने X पर लिखा कि तालिबान बलों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कई क्षेत्रों में गोलीबारी की और पाकिस्तानी सैनिकों ने "तत्काल और प्रभावी ढंग से जवाब देते हुए भारी नुकसान पहुंचाया और कई चौकियों और उपकरणों को नष्ट कर दिया. इस्लामाबाद के सूचना मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सीमा पार "कई स्थानों पर बिना उकसावे के गोलीबारी की".
तालिबान का दावा
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि अफगान बलों ने दो घंटे में 15 से अधिक पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है. मुजाहिद ने कहा, "दर्जनों (पाकिस्तानी) सैनिक मारे गए हैं, और हमने 10 शव कुनार और अन्य क्षेत्रों में भेज दिए हैं. कई घायल और जिंदा पकड़े गए लोग भी हैं." अफगान हताहतों की तत्काल कोई खबर नहीं है.
सीमा पर महीनों से जारी हिंसा
यह सैन्य अभियान रविवार की सुबह नांगरहार और पक्तिका प्रांतों पर पाकिस्तानी हमलों के बाद शुरू हुआ है, जिसमें अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के अनुसार कम से कम 13 नागरिक मारे गए. इस हमले में तालिबान सरकार ने कम से कम 18 लोगों के मारे जाने का दावा किया और पाकिस्तान के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि सैन्य अभियान में 80 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं. दोनों पक्षों ने मंगलवार को सीमा पार गोलीबारी की भी सूचना दी, लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.
कतर-तुर्की की मध्यस्थता काम नहीं आई
पिछले कुछ महीनों में दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंध काफी बिगड़ गए हैं, क्योंकि अक्टूबर में हुए घातक संघर्ष के बाद से जमीनी सीमा पारगमन मार्ग लगभग बंद हैं, जिसमें दोनों पक्षों के 70 से अधिक लोग मारे गए थे. कतर और तुर्की की मध्यस्थता से हुए शुरुआती युद्धविराम के बाद कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन ये प्रयास किसी स्थायी समझौते तक पहुंचने में विफल रहे. सऊदी अरब ने इस महीने हस्तक्षेप करते हुए अक्टूबर में अफगानिस्तान द्वारा बंदी बनाए गए तीन पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई में मध्यस्थता की थी.













