भारत के 14 जहाजों के काफिले को ईरानी गार्ड्स ने होर्मुज में घेरा, 2 पर गोलीबारी की; क्या कैसे हुआ, जानें पूरी कहानी

ईरान के होर्मुज खोलने के बाद भारत के 14 जहाजों का काफिला आगे बढ़ने लगा था, लेकिन अचानक ही IRGC गार्ड्स ने उन्हें घेर लिया और वापस लौटने का फरमान सुना दिया. दो जहाजों पर गोलीबारी कर दी. इस बीच एक जहाज निकलने में सफल रहा.

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अमेरिका और ईरान में जारी तनाव के बीच शनिवार को भारत के लिए एक चिंताजनक खबर आई. हॉर्मुज स्ट्रेट पार करके भारत की तरफ बढ़ रहे 14 जहाजों के काफिले को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने न सिर्फ रोक दिया, बल्कि दो जहाजों पर गोलीबारी भी कर दी. इसकी वजह से 13 जहाजों को वापस लौटना पड़ा. आइए बताते हैं कि पूरा घटनाक्रम किस तरह हुआ. 

होर्मुज खुलते ही आगे बढ़े भारत के 14 जहाज

ईरान ने एक दिन पहले तेल और गैस के दुनिया में सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की घोषणा की थी. गंभीर तेल संकट से जूझ रही दुनिया के लिए यह एक बड़ी राहत की बात थी. पिछले 50 दिनों से बंद होर्मुज के कारण अटके बीच समंदर में जहाजों ने इस ऐलान के बाद आगे बढ़ना शुरू कर दिया. पीटीआई ने घटनाक्रम से परिचित अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि होर्मुज पार करने की तरफ बढ़ रहे इन जहाजों में भारत आने वाले 14 जहाज भी थे. 

होर्मुज खोलने के ऐलान से पलट गया ईरान

इधर जहाज आगे बढ़ रहे थे, उधर ईरान होर्मुज खोलने के ऐलान से कुछ ही घंटों में पलट गया. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कह दिया कि ईरान ने भले ही होर्मुज खोल दिया हो, लेकिन वह ईरानी बंदरगाहों की अपनी नाकाबंदी जारी रखेंगे. बस ईरान का पारा चढ़ गया और उसने सभी जहाजों के लिए होर्मुज फिर से बंद कर दिया. इसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की बोट समंदर में उतरकर जहाजों को रोकने लगीं. 

भारत के 14 जहाजों के काफिले को घेरा

भारत के जो 14 जहाज होर्मुज पार करने की तरफ बढ़ रहे थे, IRGC गार्ड्स ने उन्हें घेर लिया और वापस लौटने का फरमान सुना दिया. इसी बीच दो जहाज- जग अर्णव और सन्मार हेराल्ड पर ईरानी गन बोट्स ने गोलीबारी कर दी. इन जहाजों पर भारत के झंडे लगे थे. इनमें कच्चा तेल भरा था. ये घटना केशम और लराक आइलैंड के बीच में हुई. उस समय एक जहाज ओमान के उत्तर-पूर्व में 37 किलोमीटर आगे था. 

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बिना चेतावनी दिए कर दी गोलीबारी

बताया जा रहा है कि ईरानी सेना ने गोलीबारी से पहले कोई चेतावनी भी नहीं दी थी. ईरानी गोलीबारी से एक जहाज की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए. फायरिंग के बाद जहाज ने अपनी यात्रा रोक दी और वापस लौट आया. सूत्रों ने बताया कि भारत आ रहे दूसरे जहाज पर गोलीबारी से कितना नुकसान हुआ, फिलहाल ये पता नहीं चल सका है. 

एक जहाज होर्मुज पार करने में सफल 

ईरानी सेना की इस कार्रवाई से 14 में से 13 जहाज तो वापस लौट गए, लेकिन एक जहाज होर्मुज पार करने में सफल रहा. सूत्र बताते हैं कि इस जहाज में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड का कच्चा तेल भरा हुआ है. अब ये शिप भारत की तरफ बढ़ रहा है. 

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किस जहाज में क्या है?

  • सूत्रों के मुताबिक, भारत आने वाले इन 14 जहाजों में से 6 टैंकरों में कच्चा तेल भरा है. 
  • 3 जहाजों में एलपीजी भरी है, जिसकी भारत में इस वक्त काफी किल्लत महसूस हो रही है. 
  • 4 जहाजों में खाद के कंटेनर लदे हुए हैं. 
  • 5 जहाज बल्क कैरियर है, जिनमें अन्य सामान है. 

14 में से 7 जहाजों पर भारत के झंडे

सूत्रों ने बताया कि जो 14 जहाज भारत आने का प्रयास कर रहे थे, उनमें से 7 में भारत के झंडे लगे हैं. 4 पर लाइबेरिया के झंडे हैं. 2 जहाज मार्शल आइलैंड के और एक वियतनाम के झंडे के तहत यात्रा कर रहा है. ये सभी जहाज एक कतार में सफर कर रहे हैं. ईरानी सेना की चेतावनी के बाद अब ये 13 जहाज लराक आइलैंड में रुक गए हैं और ईरानी नेवी की तरफ से क्लियरेंस का इंतजार कर रहे हैं. 

दिल्ली में ईरानी राजदूत को किया तलब

भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब किया और अपना विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बैठक के दौरान विदेश सचिव ने होर्मुज स्ट्रेट में हुई गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता से ईरानी राजदूत को अवगत कराया. 

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ईरान को याद दिलाया उसका वादा 

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को कितना महत्व देता है. ये भी याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में मदद की थी. विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वह भारत के विचारों को ईरान के अधिकारियों तक पहुंचाए और होर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों को रास्ता देने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें. ईरान के राजदूत ने भारत की बात को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया है. 

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