दिल्ली में देर रात हुए बुलडोज़र एक्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. जानकारी के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी इस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद थे. नदवी रामपुर से सांसद हैं और मस्जिद के इमाम भी हैं. उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि बिना हाई कोर्ट के आदेश दिखाए मस्जिद को नुकसान पहुंचाने की तैयारी हो रही है, इसलिए वे वहां पहुँचे.
नदवी का दावा
नदवी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने रातों-रात कार्रवाई कर एक खास वर्ग को निशाना बनाने की कोशिश की. उन्होंने कहा, "हमने भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील की. मस्जिद कमेटी से बात की. हाई कोर्ट ने बारह फरवरी तक का समय दिया था, लेकिन अचानक रात में कार्रवाई क्यों की गई?"
उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी मेहरौली में मस्जिद तोड़ी गई थी और संसद में उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था. नदवी का आरोप है कि सरकार चुनावी फायदे के लिए माहौल बिगाड़ रही है.
पुलिस का पक्ष
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश पर की गई. रात में बुलडोज़र चलाने का कारण बताया गया कि दिन में भीड़ अधिक होती है, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी. पुलिस के मुताबिक, मौके पर पत्थरबाजी भी हुई और नदवी पर भीड़ को भड़काने के आरोप हैं. जांच में उनका नाम शामिल है और उनसे पूछताछ हो सकती है.
क्या तोड़ा गया?
पुलिस और एमसीडी अधिकारियों के अनुसार- मस्जिद को नुकसान नहीं पहुंचाया गया.
कार्रवाई केवल गैरकानूनी स्ट्रक्चर पर हुई, जिसमें एक बैंकेट हॉल और डिस्पेंसरी शामिल थे. यह जमीन करीब डेढ़ एकड़ की है, जिसकी कीमत लगभग 2000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. बैंकेट हॉल की बुकिंग का किराया लगभग एक लाख रुपये था.
मलबा हटाने में लगेगा समय
एमसीडी अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई के बाद निकले सैकड़ों टन मलबे को हटाने में कम से कम दो दिन लगेंगे.