एनडीटीवी क्लासिक : खैरलांजी की घटना और दलित चेतना

दलित चेतना तो अब भी है लेकिन दलितों का कोई बड़ा नेता नहीं... लेकिन सब कुछ किसी नेता के भरोसे नहीं है...। (यह एपिसोड मूल रूप से दिसंबर,2006 में प्रसारित किया गया था, और अब इसे 'एनडीटीवी क्लासिक' के तहत दोबारा दिखाया गया है)