एक तरफ दशहरे पर रावण दहन हो रहा है, तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की सियासत में मुस्लिम वोटों को एकजुट करने की रणनीति को लेकर चर्चा तेज है. इसी कड़ी में असदुद्दीन ओवैसी, अखिलेश यादव और आजम खान को लेकर बन रहे राजनीतिक समीकरण पर नजरें टिकी हैं. अब अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर जाने वाले हैं. रामपुर को आजम खान का गढ़ माना जाता है. अखिलेश यादव के इस प्रस्तावित दौरे और आजम खान से मुलाकात की चर्चा को लेकर सियासत तेज हो गई है. सवाल यह है कि क्या इस दौरे के जरिए मुस्लिम वोट बैंक को लेकर कोई नया राजनीतिक संदेश देने की तैयारी है?