अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब समंदर तक पहुंच गया है, जिसका सीधा और जानलेवा असर हमारे भारतीय नाविकों पर पड़ रहा है. पिछले 3 दिनों में 2 निर्दोष भारतीय नाविकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि इस साल फरवरी से लेकर अब तक खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीयों की दुखद मौत हो चुकी है. अपनों की जान बचाने और इस बढ़ते खतरे को देखते हुए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (DGMA) ने बुधवार को एक बेहद सख्त आदेश जारी किया है. इसके तहत सभी शिप ओनर और भर्ती कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी भारतीय नागरिक को उन कमर्शियल जहाजों (जैसे मोम्बासा बी, जीएफएस गैलेक्सी, अल रकयात आदि) पर काम के लिए बिल्कुल न भेजें जो 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से होकर गुजरते हैं. आपात स्थिति के लिए नाविकों को तुरंत DGMA कम्युनिकेशन सेंटर या भारतीय नौसेना के इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर (IFC-IOR) से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं. जानिए इस महायुद्ध की वजह से पैदा हुए संकट की पूरी कहानी और इसके वैश्विक प्रभाव के बारे में विस्तार से, सिद्धार्थ प्रकाश के साथ.