अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों के बाद हुए बड़े फेरबदल में जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. अब ट्रस्ट की कमान नए अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन (सेवानिवृत्त IFS अधिकारी) के हाथों में सौंप दी गई है. कृष्ण मोहन आगामी 22 जुलाई को आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार संभालेंगे और उन्होंने मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता लाने का भरोसा दिलाया है. दूसरी तरफ, इस संवेदनशील मुद्दे पर देश में जमकर सियासत शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राम मंदिर को राजनीतिक मुद्दा बनाकर आम जनता की आस्था के साथ छल किया गया है और इस घोटाले में बड़े चेहरों को बचाने की कोशिश हो रही है. सपा सांसद के इन आरोपों का करारा जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हमेशा भगवान राम के अस्तित्व को ही नकार दिया और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, उन्हें राम मंदिर के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
इन सबके बीच, अयोध्या के संत विष्णुदास ने इस पूरे मामले की निष्पक्षता से दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है, ताकि पर्दे के पीछे छिपे बड़े दोषियों को बेनकाब किया जा सके.