जनगणना के सवालों पर छिड़ा सियासी संग्राम, प्रश्नावली में OBC कॉलम न होने पर भड़की कांग्रेस

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  • प्रकाशित: अगस्त 18, 2026

केंद्र सरकार द्वारा साल 2027 की जनगणना के दूसरे चरण के लिए जारी की गई 40 सवालों की प्रश्नावली के सवाल नंबर 10 पर देश में सियासी घमासान शुरू हो गया है. इस सवाल में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का स्पष्ट विकल्प तो है, लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई अलग कॉलम या श्रेणी नहीं रखी गई है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे महज एक तकनीकी चूक मानने से इनकार करते हुए 'सामाजिक न्याय' से खिलवाड़ बताया है. कांग्रेस का आरोप है कि ओबीसी के लिए अलग पहचान न होने से देश की इस सबसे बड़ी आबादी का कोई वैज्ञानिक आकलन नहीं हो सकेगा.

विवाद का दूसरा बड़ा कारण जाति के सवाल का 'ओपन एंडेड' होना है. इस प्रक्रिया में कोई ड्रॉप-डाउन मेनू या पहले से तय जातियों की सूची नहीं होगी. लोग जो भी अपनी जाति या उपजाति बताएंगे, उसे हूबहू दर्ज कर लिया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में एक ही जाति के अलग-अलग क्षेत्रों में कई नाम, वर्तनी और उपजातियां हैं. ऐसे में करोड़ों प्रविष्टियों का वैज्ञानिक वर्गीकरण करना बेहद जटिल हो जाएगा. साल 2011 की सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना में भी यही तरीका अपनाया गया था, जिसके चलते 46 लाख से अधिक विभिन्न जातियों के नाम सामने आ गए थे. इस अत्यधिक जटिलता के कारण 2011 का जातिगत डाटा आज तक सार्वजनिक नहीं किया जा सका.