भरत तिवारी के गांव पहुंची NDTV की टीम, जो देखा वो चौंका देगा!

भरत तिवारी का एनकाउंटर क्यों हुआ? क्या वह एक अपराधी था या अपने लोगों के हक के लिए लड़ने वाला एक नायक? इस सवाल का जवाब बिहार के भोजपुर जिले के इस 'गायब' हो चुके गांव की कहानी में छिपा है. एनडीटीवी की टीम पहुंची है जमनिया गांव, जो गंगा नदी के तेज कटाव के कारण गूगल मैप तक से मिट गया. यहां के लगभग 300 घर नदी में समा चुके हैं. सरकार ने लोगों को दूसरी जगह बसाया तो सही, लेकिन अपने वादे पूरे नहीं किए. भरत तिवारी इसी नाइंसाफी और अपने गांव के लोगों के हक के लिए बार-बार आवाज उठा रहा था. इस ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए उस गाँव की असली तस्वीर, जो अब सिर्फ यादों में बचा है. सुनिए यहां के लोगों का दर्द और भरत तिवारी के बारे में उनकी राय. गांव वाले भी पूछ रहे हैं कि "जब उसने सरेंडर कर दिया, तो पुलिस को गोली मारने का अधिकार किसने दिया?"

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