पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साधारण-सी झालमुड़ी की दुकान पर रुके, तो वह महज कुछ मिनटों का ठहराव नहीं था. इसे करोड़ों मेहनतकश लोगों के लिए एक मजबूत संदेश के तौर पर देखा गया. सड़क किनारे बिकने वाली सामान्य झालमुड़ी उस पल सिर्फ एक नाश्ता नहीं रही, बल्कि बंगाल की अस्मिता, स्वाभिमान और स्थानीय हुनर का प्रतीक बन गई. प्रधानमंत्री मोदी के उस छोटे से पड़ाव ने स्थानीय कारोबार, मेहनतकश लोगों और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया.