हिंदू बोलकर गोली खाईं... पहलगाम में पति की हत्या आंखों में सामने देखने वाली कानपुर की ऐशान्या द्विवेदी

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  • प्रकाशित: अप्रैल 22, 2026

पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर आज भी दर्द उतना ही गहरा है. कानपुर के कारोबारी शुभम द्विवेदी, उन 26 लोगों में शामिल थे, जिनकी ठीक एक साल पहले 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हमले में अपने पति को खोने वाली ऐशान्या द्विवेदी आज भी उस मंजर को याद कर भावुक हो उठती हैं. NDTV से बातचीत में ऐशान्या ने बताया कि वह घटना ऐसी थी, जिससे न कभी बाहर निकला जा सकता है, न उसे भुलाया जा सकता है और न ही समय के साथ उसका दर्द कम होता है.

उन्होंने उस पल को याद करते हुए बताया कि गोली लगने के बाद उनके पति शुभम उनकी गोद में खून से लथपथ गिर पड़े थे. ऐशान्या ने कहा कि उस हमले में मारे गए सभी लोगों को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए, ताकि उनके बलिदान को सम्मान मिल सके.


ऐशान्या के शब्दों में, “ये जिंदगी को पलट देने वाली घटना है. भगवान ने हमें छोड़ा है तो किसी कारण से छोड़ा होगा. अब बस जिंदगी को जीना है और जितनी मदद कर सकती हूं, करती रहूंगी.” इस रिपोर्ट में सुनिए उस हमले की यादें, एक पत्नी का दर्द और इंसाफ की मांग.

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