कोलकाता में राहुल गांधी की प्रस्तावित रैली रद्द कर दी गई है. कांग्रेस का आरोप है कि टीएमसी और प्रशासन ने रैली की अनुमति नहीं दी, जबकि पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार का कहना है कि मालदा और मुर्शिदाबाद में राहुल गांधी की रैलियों से टीएमसी और बीजेपी दोनों घबराई हुई हैं.
कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी 23 तारीख को शुभांकर सरकार की सीट पर प्रचार करने वाले थे, लेकिन चुनाव आयोग से अनुमति न मिलने के कारण रैली रद्द करनी पड़ी. अब पार्टी 24 और 25 तारीख को कोलकाता में रैली कराने की फिर से कोशिश कर रही है.
इस बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ आया है. आरएसएस ने भी ज़मीनी स्तर पर अपनी गतिविधियाँ तेज़ कर दी हैं और हिंदू एकता पर जोर दिया जा रहा है. वहीं टीएमसी, कांग्रेस और बीजेपी के बीच वोटों के ध्रुवीकरण को लेकर सियासी घमासान तेज़ है.
पहले चरण की वोटिंग से पहले राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और कई इलाकों में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है. अब सबकी निगाहें इस सवाल पर हैं कि राहुल गांधी की रैली रद्द होने का चुनावी असर क्या पड़ेगा?