जी हां, जिसका इंतजार दशकों से था, वह सपना अब हकीकत बन चुका है. जेवर एयरपोर्ट, जो कभी सिर्फ एक प्रस्ताव था, आज भारत के सबसे बड़े ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के रूप में तैयार है. 2001 में पहली बार प्रस्तावित होने से लेकर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास और अब 15 जून 2026 को पहली कमर्शियल फ्लाइट (लखनऊ-नोएडा) की उड़ान तक, इस एयरपोर्ट का सफर बेहद रोमांचक रहा है. यह सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत का नया 'ग्रोथ इंजन' है.
इस एयरपोर्ट में क्या है खास?
इस एक्सक्लूसिव वीडियो में एनडीटीवी इंडिया की मीनाक्षी कंडवाल के साथ देखिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंदर का शानदार नज़ारा.
अत्याधुनिक सुविधाएं: कियोस्क, 48 चेक-इन काउंटर, और हर बैंक के एटीएम के साथ वर्ल्ड-क्लास टर्मिनल.
विशाल रनवे: 3900 मीटर लंबा रनवे, जहां से हर दो मिनट में उड़ानें भरने का दावा है.
अनोखा डिजाइन: यूपी की नदियों की लहरों और शिल्प को दर्शाती हुई एयरपोर्ट की खास वास्तुकला और सेल्फी पॉइंट्स.
किसानों का सम्मान: इतिहास में पहली बार, जिन किसानों ने इस एयरपोर्ट के लिए अपनी हजारों एकड़ जमीन दी, वे ही इसकी पहली उड़ान के यात्री बनेंगे.
कनेक्टिविटी: शुरुआती चरण में ही श्रीनगर, मुंबई, देहरादून, लखनऊ सहित 16 बड़े शहरों से सीधी उड़ान.
यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का 5वां इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो दिल्ली के IGI एयरपोर्ट का दबाव कम करेगा और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी (रेल, सड़क, मेट्रो) के साथ सबसे बड़ा कार्गो और लॉजिस्टिक हब बनेगा. शुरुआत में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता से लेकर भविष्य में 70 मिलियन यात्रियों और 6 रनवे तक का विजन इस प्रोजेक्ट को अद्वितीय बनाता है.
जमीन पर हकीकत बनने तक की जेवर एयरपोर्ट की यह कहानी देखने के लिए वीडियो को अंत तक देखें.