50 लाख का फ्लैट हुआ 1.5 करोड़ का, नोएडा एयरपोर्ट बनने से प्रॉपर्टी बाजार में बूम

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से कमर्शियल फ्लाइट्स ने उड़ान शुरू हो चुकी हैं. यहां लखनऊ, हैदराबाद, बैंगलोर और अमृतसर के लिए कनेक्टिविटी होगी. पहले जहां लोगों को फ्लाइट के लिए दिल्ली के भारी ट्रैफिक से जूझना पड़ता था, वहीं अब ग्लोबल ट्रैवल उनके दरवाजे पर आ गया है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल... इसका नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे की प्रॉपर्टी मार्केट पर क्या असर होगा?

इस वीडियो में हमने लोकल रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स रवि राघव (SRK डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड) और मनोज कुमार गर्ग (द नॉर्थविंड एस्टेट) से बात की है और ग्राउंड रियलिटी जानने की कोशिश की है.

प्रॉपर्टी के दामों में जबरदस्त उछाल
पिछले 2-3 सालों में यहां प्रॉपर्टी के रेट लगभग तीन गुना बढ़ गए हैं. 2020 में जो फ्लैट 50 लाख का था, आज उसकी कीमत 1.5 करोड़ के पार जा चुकी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू होने के साथ ही अगले 6 महीनों में प्रॉपर्टी के रेट्स में 30 से 40% तक का और हाइक देखने को मिल सकता है.

अपार्टमेंट्स vs कमर्शियल
सर्विस क्लास और नए जॉब प्रोफेशनल्स के आने से गेटेड सोसाइटी और 2BHK/3BHK फ्लैट्स की डिमांड सबसे ज्यादा है. लोग भारी भरकम रेंट (35-40 हजार) देने के बजाय EMI देकर अपना घर खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

क्या-क्या आ रहा है यमुना सिटी में?
फिल्म सिटी, सेमीकंडक्टर यूनिट, जापानी कंपनियों के प्रोजेक्ट्स, कार्गो और MRO जैसी सुविधाओं के कारण यह इलाका रोजगार और निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन रहा है. एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए UPSRTC, हरियाणा और उत्तराखंड रोडवेज ने नए रूट्स शुरू किए हैं. साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे पर एक स्पेशल लूप भी बनाया जा रहा है ताकि ट्रैफिक स्मूथ रहे.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक बेहतरीन 'प्लांड सिटी' है जहां अंडरग्राउंड वायरिंग, अच्छी सड़कें, अस्पताल, स्कूल और भरपूर हरियाली है. एयरपोर्ट के आने से अब यह अंडरवैल्यूड इलाका राज्य के नक्शे पर चमकने वाला है.